नई दिल्ली | अपडेटेड : रविवार, 26 जुलाई 2026
नई दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध-प्रदर्शन लगातार जारी है। इस बीच, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया पर फैल रही तरह-तरह की अफवाहों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने पहली बार एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने फर्जी खबरों, एडिटेड वीडियो और भ्रामक पोस्ट्स को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
सोशल मीडिया पर झूठा नैरेटिव और अफवाहें
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान DCP रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर बड़े पैमाने पर भ्रामक और झूठी जानकारी फैलाई जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि:
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लड़की की मौत का झूठा दावा: एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह दावा किया गया था कि 20 जुलाई को हुई घटना में एक लड़की की मौत हो गई है। पुलिस ने इस दावे को पूरी तरह से निराधार और झूठा बताया।
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रात में क्रैकडाउन की अफवाह: एक नेता ने वीडियो जारी कर दावा किया था कि केंद्र सरकार रात के अंधेरे में प्रदर्शनकारियों पर क्रैकडाउन करने की तैयारी कर रही है, जो कि पूरी तरह फेक था।
पाकिस्तान से जुड़े तार और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के अकाउंट्स एक्टिव
दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस प्रदर्शन की आड़ में देश का माहौल खराब करने के लिए सीमाओं के पार से भी साजिश रची जा रही है। DCP के अनुसार, कई ऐसे सोशल मीडिया हैंडल सक्रिय पाए गए हैं जो पाकिस्तान से संचालित हो रहे हैं। ये वही अकाउंट्स हैं जो पूर्व में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भी भड़काऊ और फर्जी कंटेंट फैलाने में शामिल थे।
सोनम वांगचुक का डीपफेक वीडियो और आर्मी तैनाती का भ्रम
जांच में यह भी सामने आया है कि प्रदर्शन को हवा देने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे डीपफेक (Deepfake) का सहारा लिया जा रहा है:
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प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक का एक एडिटेड/फेक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसमें उनके मूल बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
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डीपफेक तकनीक के जरिए यह झूठा नैरेटिव गढ़ने की कोशिश की गई कि जंतर-मंतर पर भारतीय सेना (Army) की तैनाती की जा रही है।
दिल्ली पुलिस की सख्त कार्रवाई: STF का गठन
बढ़ती अफवाहों और पैनिक (दहशत) फैलाने की कोशिशों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष विशेष कार्य बल (STF) का गठन किया है। यह टीम 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैनी नजर रख रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले हर पोस्ट या वीडियो पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और किसी भी असत्यापित खबर को शेयर करने से बचें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने क्या अहम जानकारी दी?
Ans: दिल्ली पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन से जुड़े कई सोशल मीडिया पोस्ट, लड़की की मौत के दावे और आर्मी तैनाती की खबरें पूरी तरह से फर्जी हैं।
Q2: पाकिस्तान का इसमें क्या रोल सामने आया है?
Ans: दिल्ली पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान से संचालित होने वाले कई सोशल मीडिया हैंडल्स इस प्रदर्शन के नाम पर भारत में पैनिक और फेक नैरेटिव फैला रहे हैं।
Q3: फर्जी खबरों से निपटने के लिए दिल्ली पुलिस ने क्या कदम उठाया है?
Ans: दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया निगरानी और फेक न्यूज फैलाने वालों पर कार्रवाई के लिए STF (Special Task Force) का गठन किया है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार रिपोर्ट दिल्ली पुलिस द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए आधिकारिक बयानों और प्राप्त प्राथमिक जानकारियों पर आधारित है। मातृभूमि समाचार अपने पाठकों से अपील करता है कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी असत्यापित खबर या अफवाह पर विश्वास न करें।
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