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इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटाउ ज्वालामुखी का भीषण विस्फोट: जकार्ता हवाई अड्डे पर 900+ उड़ानें प्रभावित, 1.7 लाख यात्री परेशान

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जकार्ता । रविवार, 6 सितंबर 2026
इंडोनेशिया के सुंडा जलडमरूमध्य (Sunda Strait) में स्थित प्रसिद्ध अनाक क्राकाटाउ (Anak Krakatau) ज्वालामुखी में 6 सितंबर 2026 को एक भीषण विस्फोट हुआ। इस प्राकृतिक आपदा के चलते निकले ज्वालामुखीय राख और धुएं का गुबार आसमान में लगभग 15,000 मीटर (50,000 फीट) की ऊंचाई तक पहुंच गया। पश्चिमी इंडोनेशिया के एक बड़े हिस्से में राख की मोटी परत फैल जाने के कारण देश की विमानन सेवाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं।

हवाई यातायात पर पड़ा व्यापक असर

ज्वालामुखीय राख विमानों के जेट इंजनों के लिए अत्यंत खतरनाक होती है। राख पिघलकर इंजन के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचा सकती है, जिसके चलते नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने सुरक्षा के लिहाज से तुरंत कदम उठाए:
  • 8 हवाई अड्डों पर काम ठप: देश के प्रमुख आठ हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन रोकना पड़ा।
  • सुकार्नो-हट्टा हवाई अड्डा सबसे ज्यादा प्रभावित: राजधानी जकार्ता का सुकार्नो-हट्टा अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (Soekarno-Hatta International Airport) सबसे अधिक प्रभावित हुआ, जहां अकेले 900 से अधिक उड़ानों को रद्द या स्थगित करना पड़ा।
  • 1.7 लाख यात्री फंसे: कुल मिलाकर पूरे क्षेत्र में 1,500 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुई हैं और करीब 1,70,000 (1.7 लाख) यात्रियों की यात्रा में बाधा आई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए अधिकारियों ने केरताजाती (Kertajati), सेमारंग (Semarang), जुआंडा (Juanda), योग्याकार्टा (Yogyakarta) और सोलो (Solo) हवाई अड्डों को वैकल्पिक संचालन के लिए अलर्ट पर रखा है।

जनजीवन और स्वास्थ्य पर असर

ज्वालामुखी विस्फोट के बाद हवा में तैरते बारीक कणों और राख से आम नागरिकों को आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
  1. स्कूल ऑनलाइन मोड पर स्थानांतरित: एहतियात के तौर पर कई क्षेत्रों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है या पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम में बदल दिया गया है।
  2. मछुआरों को चेतावनी: समुद्र में उथल-पुथल और राख की वजह से मछुआरों को तटीय सीमाओं के भीतर रहने और समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
  3. स्वास्थ्य सलाह: स्थानीय प्रशासन ने निवासियों को घर के अंदर रहने, बाहर निकलने पर N95/मास्क का उपयोग करने और आंखों के बचाव के लिए चश्मा पहनने का परामर्श दिया है।

अलर्ट और सुरक्षा स्थिति

इंडोनेशिया की भूगर्भीय एजेंसी (PVMBG) और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी तत्काल सुनामी का खतरा नहीं है। हालांकि, सुरक्षा के लिहाज से अनाक क्राकाटाउ ज्वालामुखी के चारों ओर 3 किलोमीटर का डेंजर ज़ोन (Exclusion Zone) लागू कर दिया गया है और ज्वालामुखीय गतिविधि की 24 घंटे निगरानी की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: अनाक क्राकाटाउ ज्वालामुखी कहाँ स्थित है?
उत्तर: यह ज्वालामुखी इंडोनेशिया में जावा और सुमात्रा द्वीपों के बीच स्थित सुंडा जलडमरूमध्य (Sunda Strait) में स्थित है।
Q2: ज्वालामुखीय राख से विमानों को क्या खतरा होता है?
उत्तर: ज्वालामुखीय राख में बारीक सिलिका और कांच के कण होते हैं, जो जेट इंजन के अत्यधिक तापमान में पिघलकर इंजन को बंद कर सकते हैं और कॉकपिट की विंडशील्ड को धुंधला कर सकते हैं।
Q3: क्या इस विस्फोट से सुनामी आने का खतरा है?
उत्तर: अधिकारियों के अनुसार वर्तमान में किसी बड़े समुद्री भूस्खलन की संभावना नहीं है, इसलिए फिलहाल सुनामी का कोई तात्कालिक खतरा नहीं जताया गया है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख 6 सितंबर 2026 तक उपलब्ध आधिकारिक समाचारों और प्राथमिक भूगर्भीय रिपोर्टों के आधार पर तैयार किया गया है। प्रभावित उड़ानों और यात्रियों के आंकड़ों में शुरुआती एवं अंतिम अपडेट के बीच भिन्नता हो सकती है। यात्रा से पूर्व संबंधित एयरलाइंस की आधिकारिक गाइडलाइन अवश्य जांचें।
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