जम्मू. जम्मू-कश्मीर पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग (CIK) ने आज सुबह आतंकी वित्तपोषण (Terror Funding) और साइबर धोखाधड़ी के एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ करने के लिए श्रीनगर शहर में एक व्यापक अभियान चलाया। सुरक्षा बलों ने शहर के 10 से अधिक विभिन्न स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।
प्रमुख विवरण:
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लक्ष्य: यह कार्रवाई उन संदिग्धों के खिलाफ की गई है जो कथित रूप से साइबर धोखाधड़ी के जरिए धन जुटाकर उसका उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और टेरर फंडिंग के लिए कर रहे थे।
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स्थान: श्रीनगर के कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों में CIK की टीमों ने स्थानीय पुलिस और सीआरपीएफ (CRPF) के साथ मिलकर तलाशी ली।
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बरामदगी: सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान संदिग्ध डिजिटल उपकरण, लैपटॉप, मोबाइल फोन और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
साइबर और आतंक का ‘नेक्सस’
सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि कुछ समूह साइबर अपराधों (जैसे फिशिंग और ऑनलाइन घोटाले) के माध्यम से आम जनता को ठग रहे हैं और उस पैसे का एक हिस्सा घाटी में अशांति फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। CIK इस ‘हाइब्रिड’ खतरे को समाप्त करने के लिए लगातार सक्रिय है।
अधिकारियों का बयान
हालांकि अभी तक किसी औपचारिक गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह ऑपरेशन एक बड़ी जांच का हिस्सा है जिसका उद्देश्य कश्मीर में पनप रहे नए वित्तीय अपराध मॉड्यूल को ध्वस्त करना है। जांच के बाद और भी कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
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