उदयपुर । रविवार, 7 जून, 2026
राजस्थान के उदयपुर जिले से एक बेहद संवेदनशील और बड़ा मामला सामने आया है। ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा-बिलखाई गांव में आयोजित एक प्रार्थना सभा के दौरान कथित तौर पर प्रलोभन देकर और बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस ने मौके से 11 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय निवासी की शिकायत पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई
ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी के मुताबिक, शनिवार को एक स्थानीय निवासी द्वारा इस संबंध में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि गांव में पिछले दो दिनों से एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा है। आरोप के अनुसार, इस सभा की आड़ में भोले-भाले ग्रामीणों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर या उन्हें बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
मामले की संवेदनशीलता और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई। पुलिस बल भारी जाब्ते के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचा और वहां चल रही गतिविधियों को रुकवाकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। जिस समय पुलिस मौके पर पहुंची, वहां बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौजूद थे।
बाहरी राज्यों के लोग भी शामिल, दस्तावेजों की जांच जारी
पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मौके से जिन 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है, उनमें से कुछ लोग बाहरी राज्यों से आए हुए हैं। पुलिस फिलहाल इन सभी संदिग्धों के:
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पहचान पत्रों (ID Cards)
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दस्तावेजों (Documents)
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और उनकी पिछली गतिविधियों की बारीकी से जांच कर रही है।
थानाधिकारी हेमंत अहारी ने स्पष्ट किया है कि पुलिस फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की सत्यता और तथ्यों को परख रही है। जांच के दौरान मुख्य रूप से यह पता लगाया जा रहा है कि इस दो दिवसीय सभा का वास्तविक उद्देश्य क्या था और वहां एकत्र हुए ग्रामीणों को किस प्रकार की जानकारी, संदेश या सामग्री दी जा रही थी।
निष्पक्ष जांच का भरोसा, क्षेत्र में चर्चा का माहौल
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के सभी पहलुओं की पूरी निष्पक्षता के साथ जांच की जाएगी। यदि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर कानून का उल्लंघन या जबरन/प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने के साक्ष्य सामने आते हैं, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिलहाल, एहतियात के तौर पर और जांच पूरी होने तक पुलिस ने इस मामले पर कोई भी जल्दबाजी भरी टिप्पणी करने से परहेज किया है। इस घटना के बाद से ही स्थानीय क्षेत्र और आस-पास के गांवों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की विधिक कार्रवाई तय की जाएगी और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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