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इजरायली हमले में लेबनानी सेना के ब्रिगेडियर जनरल समेत 3 सैन्यकर्मियों की मौत, नाजुक युद्धविराम खतरे में

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बेरूत । रविवार, 7 जून, 2026

अमेरिकी मध्यस्थता में हुए सशर्त युद्धविराम (Ceasefire) के कुछ ही दिनों बाद, दक्षिणी लेबनान एक बार फिर भीषण बमबारी और राजनीतिक तनाव की आग में झुलस गया है। शनिवार (6 जून, 2026) को हुए एक बेहद गंभीर घटनाक्रम में, इजरायली वायुसेना ने दक्षिणी लेबनान की रणनीतिक खारदाली-नबातीह (Khardali-Nabatieh) सड़क पर एक सैन्य वाहन को निशाना बनाया। इस सीधे हमले में लेबनानी सेना के एक उच्च पदस्थ ब्रिगेडियर जनरल, एक कैप्टन और एक सैनिक की मौके पर ही मौत हो गई।

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दोनों देशों के बीच वाशिंगटन में हुए समझौते के तहत शांति स्थापित करने की कोशिशें की जा रही थीं। इस हालिया सैन्य आक्रामकता ने इस नए और बेहद नाजुक युद्धविराम के भविष्य पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

सक्रिय युद्ध क्षेत्र और खुफिया चेतावनी: इजरायल का पक्ष

इस घातक हमले के बाद इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। इजरायल के अनुसार, यह हमला एक ‘सक्रिय युद्ध क्षेत्र’ (Active Combat Zone) में हुआ, जहां बिना पूर्व समन्वय (Coordination) के किसी भी वाहन की आवाजाही प्रतिबंधित है।

IDF के प्रवक्ताओं के अनुसार:

  • सैन्य बलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि इस इलाके में हिजबुल्लाह के लड़ाके सक्रिय हैं और वे इजरायली ठिकानों पर हमला करने की फिराक में हैं।

  • एक संदिग्ध वाहन को तेजी से आगे बढ़ते देख, सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए वायुसेना ने उसे निशाना बनाया।

  • इजरायल ने स्वीकार किया है कि प्रारंभिक जांच में वाहन के भीतर लेबनानी सेना के दो अधिकारी और एक जवान होने की पुष्टि हुई है, और इस पूरी घटना की उच्च स्तरीय समीक्षा (Review) की जा रही है।

लेबनान की तीखी प्रतिक्रिया: ‘जानबूझकर किया गया क्रूर हमला’

लेबनान ने इजरायल के ‘सक्रिय युद्ध क्षेत्र’ वाले तर्क को सिरे से खारिज कर दिया है। लेबनानी सेना और वहां के शीर्ष नेतृत्व ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

  • लेबनानी सेना का आरोप: सेना ने आधिकारिक बयान में कहा कि इजरायल द्वारा बार-बार किया जा रहा यह हमला ‘जानबूझकर’ किया गया है, जिसका एकमात्र उद्देश्य शांति और राजनीतिक समाधान तक पहुंचने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को पूरी तरह विफल करना है।

  • राष्ट्रपति जोसेफ औन की निंदा: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे लेबनानी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का घोर उल्लंघन बताया है।

  • प्रधानमंत्री नवाफ सलाम की संवेदना: प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने मारे गए वीर सैनिकों—ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा, कैप्टन एली खौरी और सैनिक हुसैन गोजल के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

फाइबर ऑप्टिक ड्रोन और हमले तेज होने की वजह

यह तनाव अचानक नहीं बढ़ा है। पिछले कुछ हफ्तों में हिजबुल्लाह ने तकनीक में बदलाव करते हुए दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजराइल में इजराइली सुरक्षा बलों पर ‘फाइबर ऑप्टिक ड्रोन’ (Fiber Optic Drones) के जरिए हमले तेज किए थे। इन ड्रोनों को ट्रैक करना बेहद मुश्किल होता है।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इन ड्रोन हमलों के जवाब में ही लेबनान के भीतर चरमपंथी ठिकानों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने और हमले और तेज करने का संकल्प दोहराया था। शनिवार को ही इजरायली सेना ने अरामता, मशघरा और अंसारीह सहित 5 दक्षिणी लेबनानी इलाकों के निवासियों को ‘जहरानी नदी’ के उत्तर में सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की चेतावनी जारी की थी।

युद्धविराम की वर्तमान स्थिति और जमीनी सच्चाई (सत्यता की जांच)

इस पूरी खबर का सबसे बड़ा जमीनी सच यह है कि लेबनानी राष्ट्रीय सेना (Lebanese Armed Forces) इस पूरे युद्ध में हिजबुल्लाह का साथ नहीं दे रही है और न ही वह इजरायल के खिलाफ सीधी लड़ाई में शामिल है। इसके बावजूद, सीधे सैन्य वाहन को निशाना बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी हैरान है।

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले 48 घंटों में नबातीह के जेबदीन (Zebdine) और सक्सकियाह (Saksakieh) इलाकों में हुए अन्य इजरायली हमलों में महिलाओं और पैरामेडिक्स (बचाव कर्मियों) सहित 12 से अधिक नागरिक मारे जा चुके हैं।

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