लखनऊ. उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक नाबालिग दलित लड़की से निकाह करने पहुंचे साजिद नाम के युवक को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मौके पर जाकर रोक दिया। मामला शहर के एक मोहल्ले का है, जहाँ गुपचुप तरीके से शादी की रस्में निभाने की तैयारी चल रही थी। हिंदू संगठनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताते हुए जमकर हंगामा और बवाल किया।
पुलिस की कार्रवाई और साजिद की गिरफ्तारी
बवाल की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को बिगड़ने से पहले ही साजिद को हिरासत में ले लिया। जांच के दौरान यह पाया गया कि लड़की नाबालिग है और अनुसूचित जाति (दलित) समुदाय से ताल्लुक रखती है।
पुलिस ने साजिद के खिलाफ निम्नलिखित धाराओं में मामला दर्ज किया है:
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act): लड़की के नाबालिग होने के कारण।
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम: जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन की कोशिश के आरोप में।
SC/ST एक्ट: पीड़ित पक्ष के दलित समुदाय से होने के कारण।
इलाके में तनाव और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
इस घटना के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि साजिद ने अपनी पहचान छिपाकर या बहला-फुसलाकर किशोरी को निकाह के लिए राजी किया था। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और साजिद को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस निकाह की योजना में साजिद के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। क्या इसमें कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था या यह व्यक्तिगत मामला था, इसकी पुष्टि के लिए कॉल डिटेल्स और अन्य संपर्कों को खंगाला जा रहा है।
बस्ती (उत्तर प्रदेश) में नाबालिग दलित किशोरी के साथ निकाह करने की कोशिश के मामले में पुलिस ने आरोपी साजिद के खिलाफ अत्यंत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। हिंदू संगठनों के हस्तक्षेप और भारी हंगामे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह एफआईआर (FIR) दर्ज की।
यहाँ उन धाराओं और कानूनी कार्रवाई का विवरण दिया गया है जो इस मामले में मुख्य रूप से शामिल हैं:
मुख्य धाराएं और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने साजिद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य विशेष कानूनों के तहत निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया है:
BNS की धारा 137(2) (अपहरण): किशोरी को उसके प्राकृतिक अभिभावकों की कस्टडी से फुसलाकर ले जाने के आरोप में।
पॉक्सो एक्ट (POCSO Act), धारा 3/4: चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी धाराएं लगाई गई हैं।
उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम, 2021 (Anti-Conversion Law): इसे ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून माना जाता है। आरोप है कि शादी के जरिए जबरन या छल-कपट से धर्म परिवर्तन की कोशिश की जा रही थी। इसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
SC/ST एक्ट: पीड़िता के दलित समुदाय से होने के कारण जातिसूचक अपमान और उत्पीड़न की धाराओं को शामिल किया गया है।
BNS की धारा 318(4) (धोखाधड़ी): यदि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर या गलत जानकारी देकर लड़की को प्रेम जाल में फंसाया हो।
एफआईआर (FIR) की मुख्य बातें
शिकायतकर्ता: लड़की के परिजनों या हिंदू संगठनों के प्रतिनिधियों की तहरीर पर यह मामला दर्ज किया गया है।
आरोप: साजिद पर आरोप है कि उसने किशोरी की उम्र और उसकी सामाजिक स्थिति का फायदा उठाकर उसे निकाह के लिए मजबूर किया।
मेडिकल परीक्षण: पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है ताकि कोर्ट में उम्र और अन्य दावों की पुष्टि की जा सके।
गिरफ्तारी: आरोपी साजिद को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया था और वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत (जेल) में है।
ताजा स्थिति
बस्ती पुलिस के अनुसार, इस मामले में साजिद के मददगारों और निकाह की रस्में कराने वाले बिचौलियों की भी पहचान की जा रही है। इलाके में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है और सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
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