लखनऊ. कभी ‘पूर्व का मैनचेस्टर’ कहलाने वाला कानपुर एक बार फिर औद्योगिक पुनर्जागरण की राह पर है। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में कानपुर को आधुनिक इंडस्ट्रियल और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने के लिए कई रणनीतिक नीतियों, बड़े निवेश पैकेज और मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है।
सरकार का लक्ष्य है कि कानपुर को केवल पारंपरिक उद्योगों तक सीमित न रखकर, टेक्सटाइल, लेदर, डिफेंस, MSME और लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते सेक्टर्स का केंद्र बनाया जाए।
1️⃣ कानपुर के लिए प्रमुख औद्योगिक नीतियां और पैकेज (2025-26)
उत्तर प्रदेश सरकार ने कानपुर के औद्योगिक गौरव को आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है।
🔹 ₹35,000 करोड़ का औद्योगिक पुनरुद्धार पैकेज
राज्य सरकार द्वारा घोषित इस पैकेज का फोकस:
- MSME यूनिट्स का विस्तार और आधुनिकीकरण
- निर्यात आधारित उद्योगों को सस्ती वित्तीय सहायता
- बंद पड़ी इकाइयों का पुनः संचालन
इस पैकेज से कानपुर में नए निवेश और रोजगार सृजन को बड़ी गति मिलने की उम्मीद है।
🔹 UP लेदर, फुटवियर और नॉन-लेदर पॉलिसी-2025
कानपुर और उन्नाव के लिए यह नीति गेम-चेंजर साबित हो सकती है।
मुख्य बिंदु:
- लेदर यूनिट्स को कैपिटल सब्सिडी
- आधुनिक मशीनरी और डिजाइन लैब की सुविधा
- लक्ष्य: 22 लाख रोजगार और $8 बिलियन निर्यात
🔹 CM मित्रा पार्क योजना
अपैरल और गारमेंट सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए:
- कानपुर में 50 एकड़ के मिनी टेक्सटाइल पार्क
- प्रति एकड़ ₹50 लाख तक की सहायता
- महिला रोजगार और स्टार्टअप्स को विशेष प्राथमिकता
🔹 औद्योगिक भूमि सुधार और लीज मॉडल
औद्योगिक जमीन की कमी को दूर करने के लिए:
- लीज-रेंट मॉडल लागू
- स्टार्टअप्स और नई फैक्ट्रियों को कम लागत पर जमीन
- लॉन्ग-टर्म इंडस्ट्रियल लीज की सुविधा
2️⃣ इंफ्रास्ट्रक्चर और मेगा डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स
कानपुर को लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लिए कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
🔸 KRIDA (Kanpur Region Integrated Development Authority)
दिल्ली-NCR की तर्ज पर ‘कानपुर-NCR’ विकसित करने के उद्देश्य से KRIDA का गठन किया गया है।
यह प्राधिकरण:
- कानपुर सहित आसपास के 8 जिलों
- इंडस्ट्रियल, अर्बन और लॉजिस्टिक विकास की निगरानी करेगा
🔸 मास्टर प्लान 2051
- अनियोजित शहरी विस्तार पर नियंत्रण
- उद्योगों के लिए डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल ज़ोन
- ग्रीन और स्मार्ट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर
🔸 लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
- माल ढुलाई में तेज़ी और लागत में कमी
- वेयरहाउसिंग और मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स को बढ़ावा
- कानपुर को उत्तर भारत का लॉजिस्टिक्स गेटवे बनाने की दिशा में बड़ा कदम
3️⃣ फरवरी 2026: सक्रिय टेंडर्स और निवेश के नए अवसर
वर्तमान में UPSIDA और KDA द्वारा कई अहम टेंडर जारी किए गए हैं:
| विभाग | प्रोजेक्ट / टेंडर | उद्देश्य |
|---|---|---|
| UPSIDA | औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी | कानपुर में 9 बड़े प्लॉट (फरवरी-मार्च 2026) |
| KDA | इस्पात नगर इंफ्रास्ट्रक्चर | सड़क और ड्रेनेज निर्माण (₹31 करोड़+) |
| MSME विभाग | लेदर फैशन ट्रेनिंग सेंटर | डिजाइन स्टूडियो व 3D प्रिंटिंग यूनिट |
| KDA | पार्क और सौंदर्यीकरण | पनकी व चकेरी औद्योगिक क्षेत्रों का नवीनीकरण |
यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश बजट 2026: रोजगार और मुफ्त बिजली से लेकर कानपुर मेट्रो तक, जानें क्या चाहता है आम आदमी
4️⃣ कानपुर के प्रमुख फोकस सेक्टर्स
🧵 टेक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर
- बंद पड़ी मिलों (जैसे लाल इमली) की भूमि का पुनः उपयोग
- नए गारमेंट और टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना
🛡️ डिफेंस कॉरिडोर
- कानपुर नोड में रक्षा उपकरण निर्माण
- निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की बड़ी कंपनियों को आमंत्रण
🚚 लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग
- एक्सप्रेसवे के किनारे आधुनिक लॉजिस्टिक पार्क
- ई-कॉमर्स और निर्यात उद्योगों को मजबूती
Kanpur Revival Plan 2025-26 केवल औद्योगिक विकास की योजना नहीं, बल्कि कानपुर की खोई हुई पहचान को दोबारा स्थापित करने का प्रयास है। यदि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो आने वाले वर्षों में कानपुर फिर से उत्तर भारत का औद्योगिक पावरहाउस बन सकता है।
Matribhumisamachar


