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मिडिल ईस्ट में फिर भड़की युद्ध की चिंगारी: युद्धविराम के बाद ईरान का इजरायल पर पहला बड़ा मिसाइल हमला, ट्रंप ने नेतन्याहू को रोका

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ईरान द्वारा इजरायल पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में नष्ट करती इजरायली वायु रक्षा प्रणाली की रोशनी।

यरुशलम । सोमवार, 08 जून 2026

मध्य पूर्व (Middle East) में शांति की उम्मीदों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। रविवार, 7 जून 2026 की रात को ईरान ने इजरायल की धरती पर सीधी बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूरे क्षेत्र में हाई-अलर्ट घोषित करवा दिया। अप्रैल 2026 (सटीक रूप से 8 अप्रैल) में अमेरिका और क्षेत्रीय शक्तियों की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद, यह दोनों देशों के बीच पहला प्रत्यक्ष सैन्य टकराव है।

ईरान की इस अचानक की गई कार्रवाई ने खाड़ी देशों से लेकर वाशिंगटन तक कूटनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।

⚡ क्यों टूटा दो महीने पुराना युद्धविराम? (संशोधित जानकारी)

शुरुआती रिपोर्टों में केवल उत्तरी इजरायल का जिक्र था, लेकिन ताजा रक्षा इनपुट के अनुसार, ईरान ने लगभग 10 से 11 बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल के उत्तरी और मध्य हिस्सों (जिसमें हाइफा, सिजेरिया और हडेरा शामिल हैं) की तरफ दागीं।

ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) और ‘खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने बयान जारी कर इस हमले की पुष्टि की। ईरान का दावा है कि यह हमला रविवार सुबह इजरायल द्वारा लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर (दहियेह – Dahieh) में किए गए हवाई हमलों का सीधा प्रतिशोध है। इजरायली एयरस्ट्राइक में दहियेह में दो बहुमंजिला इमारतें तबाह हो गई थीं, जिसमें 2 लोगों की मौत और करीब 20 लोग घायल हुए थे। ईरान ने इसे युद्धविराम समझौते का खुला उल्लंघन माना था।

🛡️ इजरायल का दावा: ‘आयरन डोम’ और वायु रक्षा प्रणाली ने सभी मिसाइलें मार गिराईं

इजरायल रक्षा बलों (IDF) के प्रवक्ता और सैन्य नेतृत्व ने साफ किया है कि इजरायल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से आने वाली सभी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। कुछ मिसाइलें खुले इलाकों में गिरीं।

आपातकालीन सेवाओं (Magen David Adom) के मुताबिक, इस हमले में इजरायल के भीतर किसी भी नागरिक के सीधे तौर पर मारे जाने की खबर नहीं है, हालांकि सायरन बजने के बाद बंकरों की तरफ भागते समय कुछ लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। एहतियात के तौर पर इजरायल ने गाजा पट्टी से लगी केरेम शालोम और रफाह क्रॉसिंग को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

📞 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा हस्तक्षेप: “अब बहुत हुआ, बातचीत की मेज पर लौटें”

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा और नया अपडेट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के कूटनीतिक रुख को लेकर आया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को तुरंत फोन मिलाया और उन्हें ईरान पर जवाबी पलटवार (Retaliation) न करने की सख्त सलाह दी।

ट्रंप ने मीडिया इंटरव्यू में बेहद अनौपचारिक और कड़े शब्दों में कहा:

“मैंने बीबी (नेतन्याहू) को फोन करके कहा है कि वे पलटवार न करें। दोनों पक्षों ने अपनी इच्छा पूरी कर ली है। इजरायल ने अपना हमला किया और ईरान ने अपनी मिसाइलें दाग दीं। हमें एक और टकराव की जरूरत नहीं है। हम ईरान के साथ एक अंतिम शांति समझौते के बेहद करीब हैं और मैं नहीं चाहता कि इस वजह से वह डील खराब हो जाए।”

ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इजरायल द्वारा बेरूत पर किया गया हमला अमेरिका के साथ कोऑर्डिनेटेड नहीं था और वे इससे खुश नहीं थे।

🌍 वैश्विक अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र पर असर

इस हमले का असर तुरंत वैश्विक बाजारों और परिवहन पर देखने को मिला:

  1. कच्चे तेल में उछाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार खुलते ही ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 3% से ज्यादा उछलकर $96.15 प्रति बैरल तक पहुंच गईं।

  2. एयरस्पेस बंद: सुरक्षा के मद्देनजर ईरान, इराक और सीरिया ने अपने हवाई क्षेत्र (Airspace) के कुछ हिस्सों को नागरिक उड़ानों के लिए बंद कर दिया है।

  3. खाड़ी देशों में डर: ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने दोबारा हिमाकत की, तो वे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों (जो सऊदी अरब, कतर और कुवैत में हैं) को भी निशाना बना सकते हैं।

इजरायली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ईयाल ज़मीर (Eyal Zamir) ने कहा है कि सेना ग्रीन सिग्नल मिलते ही कड़ा प्रहार करने के लिए तैयार है, लेकिन अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति की सलाह मानकर कूटनीतिक रास्ता चुनते हैं या मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आग में झुलसने वाला है।

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