मेरठ । सोमवार, 8 जून 2026
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिला अंतर्गत सरधना थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है। कस्बे की ही रहने वाली एक पेशेवर मॉडल ने एक स्थानीय युवक पर शादी का झांसा देकर पिछले 10 वर्षों तक शारीरिक और आर्थिक रूप से शोषण करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का यह भी आरोप है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) करने के लिए मजबूर करना शुरू कर दिया।
न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय पहुंचकर एक शिकायती पत्र सौंपा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।
मॉडलिंग के बहाने मुंबई ले गया, फिर शुरू हुआ शोषण का खेल
पीड़िता के अनुसार, यह पूरा मामला साल 2016 में शुरू हुआ था। तब उसकी मुलाकात कस्बे के ही रहने वाले आरोपी युवक से हुई थी। युवक ने उसे अपनी बातों में फंसाया और मुंबई की ग्लैमर इंडस्ट्री (मॉडलिंग) में एक बड़ा अवसर और सुनहरा भविष्य दिलाने का लालच दिया। युवक के झांसे में आकर पीड़िता उसके साथ मुंबई चली गई।
आरोप है कि मुंबई पहुंचने के बाद आरोपी ने पीड़िता को शादी का झांसा दिया और उसके साथ रहने लगा। पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने पिछले 10 सालों के दौरान न सिर्फ उसका शारीरिक शोषण किया, बल्कि आर्थिक रूप से भी उसे पूरी तरह से कंगाल कर दिया।
₹50 लाख की ठगी और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी
शिकायत पत्र में पीड़िता ने आर्थिक धोखाधड़ी का एक बहुत बड़ा खुलासा किया है। उसका आरोप है कि आरोपी ने पिछले एक दशक में अलग-अलग बहानों से उससे लगभग 50 लाख रुपये की ठगी की है।
जब पीड़िता और उसके परिवार को आरोपी की असलियत का पता चला और पीड़िता के पिता ने इस धोखेबाज़ी और हरकतों का विरोध किया, तो आरोपी अपनी औकात पर उतर आया। आरोप है कि उसने पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की। इतना ही नहीं, जब युवती ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की बात कही, तो आरोपी ने उसे चुप कराने के लिए उसके कुछ अश्लील फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी।
शादी की बात पर धर्मांतरण का दबाव: कानून क्या कहता है?
इस मामले का सबसे संवेदनशील पहलू जबरन धर्म परिवर्तन का दबाव है। पीड़िता का कहना है कि जब भी उसने आरोपी से अपने रिश्ते को नाम देने (शादी करने) की बात कही, आरोपी ने उस पर अपना धर्म बदलने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
कानूनी दृष्टिकोण: उत्तर प्रदेश में जबरन या बहला-फुसलाकर किए जाने वाले धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम’ (Anti-Conversion Law) लागू है। इस कानून के तहत शादी के नाम पर या डरा-धमकाकर धर्मांतरण का दबाव बनाना एक गैर-जमानती (Non-bailable) अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर सख्त सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
इसके अलावा, सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों के अनुसार, शादी का झूठा वादा या झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाना भी कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है, बशर्ते यह साबित हो सके कि आरोपी का इरादा शुरू से ही शादी करने का नहीं था बल्कि वह केवल झांसा दे रहा था।
पुलिस प्रशासन का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर सरधना के क्षेत्राधिकारी (CO) आशुतोष कुमार ने मीडिया को बताया कि पीड़िता की ओर से मिले शिकायती पत्र को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा:
“शिकायत पत्र के आधार पर लगाए गए सभी आरोपों की बहुत ही गहनता और निष्पक्षता से जांच की जा रही है। जांच की प्रक्रिया पूरी होते ही कानून के दायरे में रहते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की पूरी तह तक जाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।”
फिलहाल पुलिस पीड़िता के बयान दर्ज करने और उसके द्वारा बताए गए आर्थिक लेन-देन व डिजिटल धमकियों (फोटो-वीडियो) से जुड़े साक्ष्यों को खंगालने में जुटी है। इस मामले ने एक बार फिर महानगरों में करियर बनाने जाने वाली युवतियों की सुरक्षा और उनके साथ होने वाले छलावे को लेकर बहस छेड़ दी है।
Matribhumisamachar


