कराची । बुधवार, 8 जुलाई 2026
पाकिस्तान के विमानन क्षेत्र से एक बेहद परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। शारजाह (यूएई) से कराची आ रहा निजी एयरलाइन ‘K2 एयरवेज’ का एक बोइंग 737 कार्गो विमान (फ्लाइट KTA1732) मंगलवार रात को कराची पहुंचने से ठीक पहले लापता हो गया। इस मालवाहक विमान में कुल 5 क्रू मेंबर सवार थे, जिनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, विमान कराची तट से दूर अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, हालांकि आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि का इंतजार है।
नेविगेशन फेलियर और पायलट के अंतिम शब्द
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी (PAA) द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मंगलवार रात करीब 9:18 बजे (स्थानीय समयानुसार) पायलट ने कराची एरिया कंट्रोल सेंटर (ACC) से संपर्क किया। पायलट ने बताया कि विमान के नेविगेशन सिस्टम (दिशा सूचक प्रणाली) में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई है। कंट्रोल रूम ने तुरंत विमान को गाइड करना और वैकल्पिक रास्ता दिखाना शुरू किया।
लेकिन इसके ठीक तीन मिनट बाद, रात 9:21 बजे विमान का एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क पूरी तरह टूट गया। विमान को आखिरी बार कराची से करीब 155 नॉटिकल मील (287 किलोमीटर) पश्चिम में अरब सागर के ऊपर ट्रैक किया गया था। एविएशन सूत्रों के मुताबिक, गायब होने से ठीक पहले कॉकपिट से आखिरी रेडियो संदेश “rolling or floating, 1732” रिकॉर्ड किया गया था, जिसके बाद सन्नाटा छा गया।
फ्लाइट रडार का चौंकाने वाला डेटा: 22,400 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से गिरा विमान
वैश्विक विमान ट्रैकिंग सेवा ‘फ्लाइट रडार 24’ (Flightradar24) के शुरुआती एडीएस-बी (ADS-B) डेटा ने इस घटना को और अधिक रहस्यमयी बना दिया है। डेटा के मुताबिक, संपर्क टूटने से ठीक पहले विमान ने बेहद असामान्य व्यवहार किया:
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विमान पहले अपनी तय ऊंचाई (क्रूज़ एल्टीट्यूड) से अचानक नीचे आया।
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इसके बाद महज 30 सेकंड के भीतर वह करीब 6,000 फीट ऊपर की तरफ उछला (Surged back)।
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इस अचानक आए उछाल के बाद विमान पूरी तरह ‘स्टॉल’ (Stall – हवा में लिफ्ट खो देना) हो गया।
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अंतिम डेटा पॉइंट के अनुसार, विमान समुद्र तल से महज 1,100 फीट की ऊंचाई पर था और वह -22,400 फीट प्रति मिनट की बेहद घातक और असामान्य रफ्तार से सीधे नीचे की ओर गोता लगा रहा था।
एविएशन एक्सपर्ट इमरान असलम ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आमतौर पर यदि विमान के दोनों इंजन भी फेल हो जाएं, तो भी वह कुछ दूरी तक ग्लाइड (हवा में तैरते हुए आगे बढ़ना) करता है। लेकिन इस मामले में विमान का इतनी तेजी से और वर्टिकल डाइव में नीचे आना सामान्य नहीं है। यह किसी बड़े स्ट्रक्चरल फेलियर या पायलट के नियंत्रण से पूरी तरह बाहर हो चुकी स्थिति की ओर इशारा करता है।” रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि शारजाह से उड़ान भरने के तुरंत बाद क्षेत्र में जीएनएसएस (GNSS) हस्तक्षेप यानी जीपीएस सिग्नल में गड़बड़ी देखी गई थी।
अरब सागर में महा-सर्च ऑपरेशन जारी
विमान के गायब होते ही पाकिस्तान ने देश के रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर को एक्टिव कर दिया है। अरब सागर में ओलमारा के तट के पास बड़े पैमाने पर संयुक्त सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
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पाकिस्तान नेवी ने अपने युद्धपोत PNS जुल्फिकार (PNS Zulfiqar) को तुरंत उस क्षेत्र में रवाना किया है।
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पाकिस्तान एयर फोर्स का साब (SAAB) विमान और नेवी का एटीआर (ATR) टोही विमान आसमान से मलबे की तलाश कर रहे हैं।
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इसके अलावा, पाकिस्तान नेशनल शिपिंग कॉर्पोरेशन के वाणिज्यिक जहाज ‘लाहौर’ को भी इस खोज अभियान में मदद के लिए तैनात किया गया है।
इकलौता विमान और K2 एयरवेज का इतिहास
K2 एयरवेज कराची में स्थित एक निजी कार्गो एयरलाइन कंपनी है, जिसने मई 2018 में अपना परिचालन लाइसेंस प्राप्त किया था। जिस विमान के साथ यह हादसा हुआ है, वह 27 साल पुराना बोइंग 737-400 (BDSF) मॉडल है, जिसे पहले यात्री विमान से मालवाहक विमान में बदला गया था। इस विमान को इसी साल 2024 में एयरलाइन के बेड़े में शामिल किया गया था और यह इस कंपनी का इकलौता सक्रिय विमान था। कंपनी ने बयान जारी कर कहा है कि वे सभी सरकारी एजेंसियों के साथ जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
इस घटना ने मई 2020 में कराची में हुए पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) के उस दर्दनाक यात्री विमान हादसे की यादें ताजा कर दी हैं, जिसमें 97 लोगों की जान चली गई थी और जांच में मानवीय चूक को बड़ी वजह माना गया था।
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