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राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान को लेकर कड़ा हुआ कानून: अनादर या बाधा डालने पर होगी 3 साल तक की जेल

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लाल किले के ऊपर फहराता हुआ भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा
नई दिल्ली | शनिवार, 8 अगस्त 2026
देश के राष्ट्रीय प्रतीकों, राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की गरिमा को अक्षुण्ण रखने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी कदम उठाया है। राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ (Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन कर दंड के प्रावधानों को पहले से अधिक सख्त और व्यापक बना दिया गया है।
इस नए संशोधन के बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ-साथ अब राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को भी पूरी तरह से कानूनी संरक्षण के दायरे में ले आया गया है।

6 अगस्त 2026 के राजपत्र से लागू हुए नए नियम

भारत सरकार के 6 अगस्त 2026 को प्रकाशित राजपत्र (Gazette Notification) के अनुसार, राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अनादर की किसी भी कोशिश या जानबूझकर पैदा की गई बाधा से सख्ती से निपटा जाएगा।
इस कानून को लाने का मुख्य उद्देश्य देश के नागरिकों में राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति आदर बढ़ाना और सार्वजनिक या निजी कार्यक्रमों के दौरान होने वाली असंसदीय या व्यवधानकारी गतिविधियों पर रोक लगाना है।

कानून के मुख्य प्रावधान और सजा के नियम

यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान या राष्ट्रगीत के गायन के दौरान जानबूझकर रोक लगाता है, बाधा उत्पन्न करता है या सभा को डिस्टर्ब करता है, तो उसे कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
नियम / प्रावधान विवरण
संशोधित अधिनियम प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026
शामिल विषय राष्ट्रगान (जन गण मन) और राष्ट्रगीत (वंदे मातरम्)
अधिकतम कारावास 3 वर्ष तक की जेल
आर्थिक दंड जुर्माना (Fine)
अन्य दंड प्रावधान जेल और जुर्माना दोनों एक साथ
दोबारा अपराध पर न्यूनतम 1 साल की अनिवार्य सजा (Section 3A के तहत)

‘वंदे मातरम्’ को भी मिला राष्ट्रगान जैसा दर्जा

संविधान सभा की 24 जनवरी 1950 की बैठक में डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक भूमिका निभाने वाले राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को ‘जन गण मन’ के समान ही आदर और सम्मान दिया जाना चाहिए।
हालांकि, 1971 के मूल कानून की धारा 3 में केवल राष्ट्रगान के अनादर पर ही दंडात्मक प्रावधान स्पष्ट था। 2026 के इस ऐतिहासिक संशोधन के जरिए इस कानूनी अंतर को समाप्त कर दिया गया है और अब ‘वंदे मातरम्’ को भी वही कानूनी कवच प्राप्त है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. क्या राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ में बाधा डालने पर जेल हो सकती है?

हाँ, 2026 के नए कानून संशोधन के अनुसार, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन में जानबूझकर व्यवधान डालने या अनादर करने पर 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

2. यह नया संशोधन कब से लागू माना गया है?

यह बदलाव 6 अगस्त 2026 को जारी भारत के राजपत्र (Gazette Notification) के साथ प्रभावी हुआ है।

3. यदि कोई व्यक्ति बार-बार यह अपराध दोहराता है तो क्या सजा होगी?

अधिनियम की धारा 3A के तहत, यदि कोई व्यक्ति दूसरी बार या उसके बाद इस तरह का अपराध करता है, तो उसे कम से कम 1 साल की अनिवार्य जेल की सजा दी जाती है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer)

यह लेख सूचनात्मक एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। कानून से जुड़ी सटीक और विस्तृत विधिक जानकारी के लिए भारत सरकार द्वारा 6 अगस्त 2026 को जारी आधिकारिक राजपत्र एवं कानूनी विशेषज्ञों की सलाह का संदर्भ लें।
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