नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के उभरते सितारे और वर्तमान में आईसीसी टी20ई (T20I) रैंकिंग के शीर्ष बल्लेबाज, अभिषेक शर्मा इन दिनों एक कठिन दौर से गुजर रहे हैं। अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए दुनिया भर में सुर्खियां बटोरने वाले अभिषेक की हालिया फॉर्म टीम इंडिया के प्रबंधन और चयनकर्ताओं के लिए सिरदर्द बन गई है।
घरेलू टूर्नामेंट में संघर्ष और आंकड़ों की गिरावट
अभिषेक शर्मा का बल्ला पिछले कुछ मैचों से खामोश है। पंजाब के लिए खेलते हुए विजय हजारे ट्रॉफी (लिस्ट ए) के पिछले तीन मैचों में उन्होंने केवल 86 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत गिरकर 28.66 पर आ गया है, जो उनकी क्षमता को देखते हुए काफी कम माना जा रहा है। घरेलू स्तर पर निरंतरता की यह कमी टीम में उनकी जगह को लेकर सवाल खड़े कर रही है।
अति-आक्रामक शैली बनी कमजोरी?
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछली टी20ई श्रृंखला के दौरान कई पूर्व क्रिकेटरों और विशेषज्ञों ने अभिषेक के ‘अति-आक्रामक दृष्टिकोण’ पर चिंता जताई थी। आंकड़ों पर नजर डालें तो:
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करियर स्ट्राइक रेट: 188.02 (शानदार)
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2025 का प्रदर्शन: एक कैलेंडर वर्ष में 1602 रन (भारतीय रिकॉर्ड में दूसरा स्थान)
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समस्या: आक्रामकता के चक्कर में सस्ते में विकेट गंवाना।
विशेषज्ञों का मानना है कि अभिषेक को अपनी स्वाभाविक आक्रामक शैली और मैच की स्थिति के अनुसार विकेट पर टिकने के बीच एक सही संतुलन बनाने की तत्काल आवश्यकता है।
टी20 विश्व कप से पहले बढ़ा दबाव
साल 2025 में दो शानदार टी20ई शतक जड़ने के बावजूद, हालिया मैचों में बड़ी पारियों का अभाव टीम प्रबंधन को परेशान कर रहा है। आगामी टी20 विश्व कप को देखते हुए भारतीय शीर्ष क्रम में स्थिरता बेहद जरूरी है। अभिषेक की वर्तमान फॉर्म आगामी टूर्नामेंट की रणनीतियों को प्रभावित कर सकती है।
न्यूज़ीलैंड श्रृंखला: वापसी का आखिरी मौका!
अब सभी की निगाहें न्यूज़ीलैंड के खिलाफ आगामी टी20 श्रृंखला पर टिकी हैं। यह सीरीज अभिषेक के लिए खुद को साबित करने और चयनकर्ताओं का भरोसा फिर से जीतने का एक बड़ा मंच साबित हो सकती है। क्या नंबर-1 बल्लेबाज अपनी खोई हुई लय वापस पा सकेगा या टीम प्रबंधन को नए विकल्पों की ओर देखना पड़ेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा।
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