लखनऊ। उत्तर प्रदेश का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सत्र आज 9 फरवरी 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। इस सत्र के दौरान प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना आगामी 11 फरवरी 2026 को विधानसभा में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करेंगे। बजट का अनुमानित आकार करीब ₹9 लाख करोड़ बताया जा रहा है, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 के ₹8.08 लाख करोड़ के बजट से लगभग ₹1 लाख करोड़ अधिक है।
यह बजट न केवल आर्थिक दृष्टि से अहम है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले आने वाला अंतिम पूर्ण बजट होने के कारण इसका राजनीतिक महत्व भी काफी बढ़ गया है।
बजट का बढ़ता आकार क्या संकेत देता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक बजट का आकार बढ़ना प्रदेश में
- बुनियादी ढांचे के विस्तार,
- औद्योगिक निवेश,
- शहरीकरण और
- सामाजिक योजनाओं के दायरे में वृद्धि
का संकेत है। सरकार का फोकस विकास की रफ्तार को बनाए रखते हुए रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर रहने की संभावना है।
बजट 2026-27 के प्रमुख फोकस क्षेत्र
इस बार के बजट में सरकार की प्राथमिकताएं स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकती हैं:
- इन्फ्रास्ट्रक्चर: नए एक्सप्रेसवे, हाईवे, औद्योगिक कॉरिडोर और शहरी परिवहन परियोजनाएं
- कृषि और किसान: सिंचाई, फसल बीमा, कृषि यंत्रीकरण और ग्रामीण आय बढ़ाने की योजनाएं
- युवा वर्ग: रोजगार, स्टार्टअप, स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी शिक्षा
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूह, महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं
सरकार का प्रयास रहेगा कि बजट में विकास और कल्याण दोनों का संतुलन दिखे।
आर्थिक सर्वेक्षण में कृषि को बताया गया अर्थव्यवस्था की रीढ़
बजट सत्र के पहले दिन यानी 9 फरवरी को विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया गया। सर्वेक्षण में कृषि और किसानों को उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया गया है।
सर्वे के अनुसार:
- ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ने से खपत में सुधार हुआ है
- कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिला है
- बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिली है
यह संकेत देता है कि आगामी बजट में कृषि क्षेत्र को लेकर बड़ी घोषणाएं संभव हैं।
20 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र
उत्तर प्रदेश विधानसभा का यह बजट सत्र 20 फरवरी 2026 तक प्रस्तावित है। इस दौरान बजट पर चर्चा, विभागों की अनुदान मांगों पर बहस और कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर विचार किया जाएगा।
सत्र के पहले दिन ही गरमाई राजनीति
बजट सत्र के पहले दिन ही सदन का माहौल गरम रहा। विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी, ने बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा और सदन में हंगामा किया। वहीं सरकार की ओर से कहा गया कि प्रदेश आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और बजट में इसका स्पष्ट प्रतिबिंब दिखाई देगा।
11 फरवरी पर टिकीं सभी की नजरें
अब प्रदेश की जनता, उद्योग जगत और राजनीतिक गलियारों की निगाहें 11 फरवरी 2026 पर टिकी हैं, जब योगी सरकार का यह मेगा बजट पेश होगा। माना जा रहा है कि यह बजट
- विकास की दिशा तय करेगा
- आगामी चुनावों के लिए सरकार के रोडमैप को स्पष्ट करेगा
- और आम जनता को कई नई सौगातें दे सकता है
UP Budget 2026-27 को लेकर अगले कुछ दिन प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।
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