वाराणसी | गुरुवार, 9 अप्रैल 2026
धर्म और आस्था की नगरी काशी में गंगा नदी की मर्यादा को तार-तार करने वाला एक मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर गंगा के बीचों-बीच चलती नाव में शराब पीने और तेज संगीत बजाने का वीडियो वायरल होने के बाद, वाराणसी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
बीते सोमवार को सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो तेजी से प्रसारित हुए, जिसमें कुछ युवक गंगा नदी में नाव पर बैठकर बीयर पीते और तेज डीजे (DJ) संगीत पर थिरकते नजर आ रहे थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता था कि धार्मिक आस्था के केंद्र में इस तरह की अमर्यादित गतिविधि की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय नागरिकों और भाजपा युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष ने भेलूपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
मुख्य आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी
पुलिस जांच में सामने आया कि यह वीडियो वाराणसी से मिर्जापुर के अदलहाट स्थित शीतला माता मंदिर जाने के दौरान बनाया गया था।
-
गिरफ्तार आरोपी: अर्जुन राजभर (25 वर्ष), निवासी नगवा।
-
पेशा: आरोपी नावों की सजावट का काम करता है।
-
कार्रवाई: पुलिस ने सर्विलांस और स्थानीय नाविकों की मदद से पहचान कर अर्जुन को अस्सी घाट क्षेत्र से मंगलवार सुबह गिरफ्तार कर लिया।
धार्मिक जुलूस की आड़ में हुई अमर्यादित हरकत
जांच में यह भी पता चला कि यह घटना ‘मांझी समुदाय’ द्वारा प्रतिवर्ष निकाली जाने वाली एक धार्मिक शोभायात्रा के दौरान हुई। शीतला घाट से नावें शीतला माता मंदिर (मिर्जापुर) के लिए रवाना हुई थीं। हालांकि, धार्मिक यात्रा की आड़ में शराब के सेवन और हुड़दंग ने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
प्रशासन का कड़ा संदेश
वाराणसी पुलिस (काशी जोन) के आला अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गंगा नदी की पवित्रता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
“गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है। यहाँ सार्वजनिक रूप से मदिरापान या कोई भी अमर्यादित कृत्य कानूनन अपराध है। दूसरे फरार आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।” — गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर
पुरानी घटनाओं से लिया सबक
वाराणसी में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी और मांसाहार (बिरयानी) के वीडियो वायरल होने पर भारी हंगामा हुआ था, जिसमें पुलिस ने 14 लोगों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। प्रशासन अब घाटों और नावों पर पैनी नजर रखने के लिए जल पुलिस और सीसीटीवी की मदद ले रहा है।
Matribhumisamachar


