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असम और पुडुचेरी में टूटा सालों का रिकॉर्ड: मतदान के आंकड़ों ने उड़ाए दिग्गजों के होश

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नई दिल्ली | गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में गुरुवार (9 अप्रैल) को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। चुनाव आयोग (ECI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, असम और पुडुचेरी में इस बार ऐतिहासिक वोटिंग हुई है, जिसने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तीनों क्षेत्रों की कुल 296 सीटों पर मतदाताओं ने लोकतंत्र के उत्सव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

वोटिंग का अंतिम गणित: पुडुचेरी रहा सबसे आगे

शाम को मतदान समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग द्वारा जारी अनंतिम (Provisional) आंकड़ों के मुताबिक, मतदान का प्रतिशत पिछले चुनावों की तुलना में काफी उत्साहजनक रहा:

राज्य/यूटी कुल सीटें वोटिंग प्रतिशत (2026) मुख्य मुकाबला
पुडुचेरी 30 89.83% NDA (AINRC-BJP) बनाम INDIA गठबंधन
असम 126 85.38% भाजपा+ (हिमंता बिस्वा सरमा) बनाम कांग्रेस+ (गौरव गोगोई)
केरल 140 78.03% LDF (पिनाराई विजयन) बनाम UDF (कांग्रेस)

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असम और पुडुचेरी में रचा इतिहास

चुनाव आयोग के अनुसार, असम में 85.38% मतदान दर्ज किया गया, जो 2016 के 84.67% के रिकॉर्ड से भी अधिक है। वहीं, पुडुचेरी ने 89.83% के साथ सबको चौंका दिया। यह भागीदारी दर्शाती है कि स्थानीय मुद्दों और सत्ता विरोधी लहर या समर्थन को लेकर जनता में भारी स्पष्टता है।

हाई-प्रोफाइल सीटों पर क्या रहा हाल?

  • असम: मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की जालुकबारी सीट और कांग्रेस नेता गौरव गोगोई के नेतृत्व वाले मोर्चे के कारण ऊपरी असम की सीटों पर भारी भीड़ देखी गई। विशेष रूप से दिसपुर और सिलचर में शहरी मतदाताओं ने भी रिकॉर्ड तोड़ उपस्थिति दर्ज कराई।

  • केरल: मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन (धर्मदम) और विपक्ष के नेता वीडी सतीसन के क्षेत्रों में कड़ी टक्कर देखी गई। केरल में इस बार महिलाओं का वोट प्रतिशत (80.86%) पुरुषों (75.01%) से कहीं अधिक रहा, जो नतीजों को प्रभावित कर सकता है।

  • पुडुचेरी: यहाँ सत्ताधारी AINRC-BJP गठबंधन और कांग्रेस-DMK गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है।

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सुरक्षा और तकनीक का संगम

चुनाव आयोग ने पहली बार असम, केरल और पुडुचेरी के 100% मतदान केंद्रों पर लाइव वेबकास्टिंग की व्यवस्था की थी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने दिल्ली स्थित मुख्यालय से मतदान की निगरानी की। छिटपुट घटनाओं को छोड़कर, सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।

अब 4 मई का इंतज़ार

इन तीनों राज्यों के साथ-साथ तमिलनाडु (जहां 23 अप्रैल को मतदान होना है) और पश्चिम बंगाल के चुनाव परिणाम भी 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उच्च मतदान प्रतिशत अक्सर बदलाव का संकेत होता है, लेकिन असम और केरल जैसे राज्यों में यह मौजूदा सरकारों के मजबूत ‘कैडर बेस’ के सक्रिय होने का भी परिणाम हो सकता है।

मुख्य बिंदु:

  • असम और पुडुचेरी में अब तक का सबसे अधिक मतदान दर्ज किया गया।

  • केरल में 78% से अधिक मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

  • 4 मई को घोषित होंगे चुनाव परिणाम, ईवीएम में कैद हुई दिग्गजों की किस्मत।

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