अमरावती. आंध्र प्रदेश के डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोणसीमा जिले से शनिवार को एक राहत भरी खबर सामने आई है। इरुसुमंडा गांव के पास मोरी-5 (Mori-5) गैस कुएं में पिछले पांच दिनों से धधक रही भीषण आग को अंततः बुझा दिया गया है। ONGC की क्राइसिस मैनेजमेंट टीम (CMT) ने शनिवार सुबह कुएं को सफलतापूर्वक ‘कैप’ (बंद) कर ऑपरेशन को अंजाम दिया।
हादसे से नियंत्रण तक का घटनाक्रम
यह संकट सोमवार, 5 जनवरी 2026 को तब शुरू हुआ जब कुएं के मरम्मत कार्य (Workover Operations) के दौरान अचानक गैस रिसाव हुआ और एक जोरदार धमाका हो गया। आग इतनी भीषण थी कि इसकी लपटें 20 मीटर की ऊंचाई तक उठ रही थीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
मुख्य विवरण:
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शून्य जनहानि: इस भीषण हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई।
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सफल रेस्क्यू: संयुक्त जिला कलेक्टर टी. निसांती ने पुष्टि की है कि कुआं अब पूरी तरह सुरक्षित है और आग बुझ चुकी है।
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विशेषज्ञों की भूमिका: ONGC ने अपनी आंतरिक टीमों के अलावा मुंबई और अन्य केंद्रों से विशेष विशेषज्ञों को बुलाया था, जिन्होंने रिकॉर्ड समय में इस पर काबू पाया।
प्रशासनिक कदम और मुआवजा
आग लगने के तुरंत बाद प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए इरुसुमंडा और आसपास के गांवों से 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाया था।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को स्थिति का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने आग से प्रभावित हुए धान के खेतों और नारियल के बागानों के नुकसान पर गहरी चिंता व्यक्त की और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
अब स्थिति सामान्य
कुआं सुरक्षित होने के बाद अब स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। प्रशासन ने राहत शिविरों में रह रहे ग्रामीणों को अपने घरों को लौटने की अनुमति दे दी है। तकनीकी टीमें अभी भी कुएं की निगरानी कर रही हैं ताकि भविष्य में ऐसी किसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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