शुक्रवार, सितंबर 18 2026 | 05:06:46 AM

कानपुर: बिठूर के राजा नर्सिंग होम का लाइसेंस रद्द, बिना अनुमति चल रहे NICU में मासूम की मौत के बाद बड़ी कार्रवाई

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

कानपुर (बिठूर): उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद स्थित बिठूर में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ राजा नर्सिंग होम में वार्मर मशीन की अत्यधिक गर्मी से झुलसकर एक नवजात शिशु की मौत हो गई। इस गंभीर लापरवाही का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ अब तक की सबसे कठोर कार्रवाई की है।

जांच में हुआ बड़ा खुलासा: अवैध था NICU

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. हरिदत्त नेमी द्वारा की गई जांच में पाया गया कि राजा नर्सिंग होम का पंजीकरण तो था, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने NICU (नवजात गहन चिकित्सा इकाई) संचालित करने की कोई वैधानिक अनुमति नहीं ली थी। नियमों को ताक पर रखकर अवैध रूप से यह यूनिट चलाई जा रही थी। इसके अलावा, अस्पताल में अग्नि सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी पाई गई; वहां लगे अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguishers) एक्सपायर हो चुके थे।

लापरवाही पर प्रशासन का चाबुक

प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  • पंजीकरण निरस्त: राजा नर्सिंग होम (रजिस्ट्रेशन संख्या: RMEE2122829) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।

  • अस्पताल सील: अनधिकृत रूप से संचालित NICU यूनिट को मौके पर ही सील कर दिया गया और अस्पताल को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है।

  • दोषियों पर मुकदमा: मृतक शिशु के परिजनों की तहरीर पर बिठूर थाने में अस्पताल के डॉक्टरों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत केस दर्ज किया गया है।

पूरे जिले में होगा सेफ्टी ऑडिट

जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जनपद के सभी निजी और सरकारी अस्पतालों में मौजूद जीवनरक्षक उपकरणों (Life-saving equipment) के अनिवार्य सेफ्टी ऑडिट के आदेश दिए हैं। प्रशासन अब उन सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर अभियान चलाएगा जो बिना मानक और बिना अनुमति के संचालित हो रही हैं।

अस्पताल प्रशासन को नोटिस: प्रबंधन को तीन कार्यदिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का समय दिया गया है। संतोषजनक उत्तर न मिलने या आदेशों का उल्लंघन करने पर और भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

कानपुर की ताज़ा खबरें: यहाँ क्लिक करें

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।