लखनऊ. उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सियासी हलचल के बीच आगे बढ़ रहा है। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान 9 फरवरी को हुए भारी हंगामे के बाद आज, सोमवार को सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे आरंभ हुई। विपक्ष ने सरकार को कई ज्वलंत मुद्दों पर घेरने की कोशिश की, जबकि सत्तापक्ष ने बजट से पहले सहयोग का संदेश दिया।
विपक्ष के प्रमुख मुद्दे: SIR, कानून-व्यवस्था और महंगाई
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्ष ने आरोप लगाया कि—
- SIR (Special Intensive Revision) को लेकर प्रदेश में भ्रम और असंतोष है
- कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार चिंता का विषय बनी हुई है
- बेरोजगारी और महंगाई से आम जनता पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है
इन मुद्दों पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर विपक्षी सदस्य अपनी सीटों से खड़े नजर आए, जिससे सदन का माहौल कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गया।
सरकार का पक्ष: “लोकतंत्र बाधा से नहीं, संवाद से चलता है”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष से संयम बरतने और रचनात्मक चर्चा में सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद और बहस से मजबूत होता है, न कि व्यवधान से। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि सरकार बजट सत्र में प्रदेश के समग्र विकास से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा चाहती है।
11 फरवरी को पेश होगा यूपी का अब तक का सबसे बड़ा बजट
आज की कार्यवाही का सबसे बड़ा केंद्रबिंदु कल (11 फरवरी) पेश होने वाला बजट रहा।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना कल सुबह 11 बजे वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। अनुमान है कि इसका आकार करीब ₹9 लाख करोड़ होगा, जो उत्तर प्रदेश के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है।
यूपी की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें
बजट से जुड़ी प्रमुख अपेक्षाएं
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पेश हो रहे इस बजट से कई बड़े ऐलानों की उम्मीद की जा रही है—
- महिलाओं के लिए नई स्वरोजगार व आर्थिक सहायता योजनाएं
- युवाओं के लिए रोजगार सृजन और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस
- किसानों के लिए राहत पैकेज और कृषि निवेश में बढ़ोतरी
- पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों के लिए विशेष विकास पैकेज
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट प्रदेश की आर्थिक दिशा के साथ-साथ आगामी चुनावी रणनीति की झलक भी देगा।
विधानसभा सत्र की रूपरेखा
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि विधानसभा सत्र 20 फरवरी तक चलेगा—
- 11 फरवरी: बजट की प्रस्तुति
- 12–13 फरवरी: राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा
- 16–20 फरवरी: बजट पर विस्तृत बहस और अनुदान मांगों पर मतदान
राजनीतिक तापमान चरम पर
लगातार हंगामे, विपक्ष के तीखे सवाल और रिकॉर्ड बजट की उम्मीदों के बीच यूपी विधानसभा का यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें कल पेश होने वाले बजट पर टिकी हैं, जो प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा तय कर सकता है।
Matribhumisamachar


