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योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला: बुंदेलखंड में डेयरी क्षेत्र का कायाकल्प, बांदा और झांसी को मिली सौगात

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश को ‘एक ट्रिलियन डॉलर’ की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में बांदा में नए डेयरी प्लांट की स्थापना और झांसी स्थित मौजूदा प्लांट के विस्तार को हरी झंडी दे दी गई है। इस निर्णय से क्षेत्र के हजारों दुग्ध उत्पादकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

क्षमताओं का विस्तार: आंकड़ों की नज़र में

सरकार के इस मास्टर प्लान से बुंदेलखंड में दूध प्रसंस्करण (Processing) की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी:

  • बांदा: यहां 20 हजार लीटर प्रतिदिन की क्षमता वाला बिल्कुल नया प्लांट लगाया जाएगा।

  • झांसी: वर्तमान में चल रहे 10 हजार लीटर के प्लांट की क्षमता बढ़ाकर अब 30 हजार लीटर प्रतिदिन कर दी गई है।

अटके हुए काम को मिली गति

इस परियोजना के लिए इंडियन डेयरी मशीनरी कंपनी को कार्यदायी संस्था बनाया गया है। पूर्व में वित्त विभाग के तकनीकी नियमों के कारण 12.50 प्रतिशत ‘सेंटेज चार्ज’ को लेकर पेंच फंसा था, जिसके चलते काम शुरू नहीं हो पा रहा था। कैबिनेट ने अब इस चार्ज को मंजूरी दे दी है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार खुद वहन करेगी।

किसानों और युवाओं को होगा दोहरा लाभ

सरकार का मानना है कि इस बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से:

  1. दूध की बर्बादी रुकेगी: प्रसंस्करण क्षमता बढ़ने से दूध खराब होने की समस्या खत्म होगी।

  2. उचित मूल्य: स्थानीय पशुपालकों को उनके दूध का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।

  3. रोजगार के अवसर: डेयरी प्लांट के विस्तार और नए संग्रहण केंद्रों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

इससे पहले भी प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, मेरठ और नोएडा जैसे शहरों में इसी तर्ज पर डेयरी प्रोजेक्ट्स को मजबूती दी जा चुकी है। अब बुंदेलखंड में दुग्ध संग्रहण और विपणन (Marketing) की व्यवस्था को सुदृढ़ कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देने की तैयारी है।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।