इस्लामाबाद | शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा इजरायल के खिलाफ दिए गए “विनाशकारी” बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की फजीहत करा दी है। भारी वैश्विक दबाव और इजरायल की तीखी प्रतिक्रिया के बाद रक्षा मंत्री ने अपना विवादित सोशल मीडिया पोस्ट डिलीट (Delete) कर दिया है। हालांकि, इजरायल ने इसे नाकाफी बताते हुए पाकिस्तान की “शांति मध्यस्थ” की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
🛑 ‘डिलीट’ बटन से भी नहीं थमा विवाद
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है। इसी बीच ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को “इंसानियत के लिए अभिशाप” और “कैंसर” बताते हुए उसके विनाश की प्रार्थना की थी।
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पोस्ट क्यों हटाया?: सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने पाकिस्तान सरकार को चेतावनी दी थी कि ऐसे बयान से क्षेत्र में चल रहे शांति प्रयासों को भारी नुकसान पहुँच सकता है।
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इजरायल का रुख: पोस्ट हटाए जाने के बावजूद इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इसे “अक्षम्य और अपमानजनक” करार दिया है। इजरायल का कहना है कि “शब्द वापस लेने से मंशा नहीं बदलती।”
🇮🇱 इजरायल का ‘हंटर’: “आतंकवाद का हमदर्द मध्यस्थ नहीं हो सकता”
इजरायल ने आधिकारिक बयान जारी कर पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने की रणनीति अपनाई है:
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कठोर निंदा: इजरायल के विदेश मंत्री गिडोन सार ने आसिफ के बयान को “यहूदी विरोधी रक्तपात की मानसिकता” (Antisemitic blood libel) बताया।
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विश्वसनीयता पर प्रहार: इजरायल ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान जैसा देश, जो खुद आतंकवाद के आरोपों से घिरा है, वह “न्यूट्रल आर्बिटर” (तटस्थ मध्यस्थ) होने का नाटक नहीं कर सकता।
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भारत की भूमिका का जिक्र: भारत में इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने पाकिस्तान को “अविश्वसनीय साथी” बताकर साफ कर दिया कि इजरायल अब दक्षिण एशिया में केवल भारत के साथ रणनीतिक तालमेल को प्राथमिकता देगा।
🌍 वैश्विक राजनीति पर असर (Impact Analysis)
| क्षेत्र | प्रभाव |
| पाकिस्तान की छवि | शांति वार्ता की मेजबानी के दौरान ऐसी बयानबाजी ने पाकिस्तान को “अपरिपक्व कूटनीतिक देश” के रूप में पेश किया है। |
| अमेरिका-ईरान वार्ता | इजरायल अब अमेरिका पर दबाव बना रहा है कि पाकिस्तान को किसी भी महत्वपूर्ण शांति समझौते से बाहर रखा जाए। |
| घरेलू राजनीति | पाकिस्तान के भीतर भी विपक्ष ख्वाजा आसिफ के इस कदम को “कूटनीतिक विफलता” बता रहा है। |
⚖️ क्या पाकिस्तान अलग-थलग पड़ेगा?
यह पहली बार है जब इजरायल ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान को “आतंकवाद से जुड़ा देश” कहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पोस्ट हटाना पाकिस्तान की मजबूरी थी, लेकिन जो कूटनीतिक नुकसान (Diplomatic Damage) होना था, वह हो चुका है।
बड़ी चेतावनी: “इजरायल ने संकेत दिया है कि वह भविष्य में पाकिस्तान के किसी भी शांति प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा, जो इस्लामाबाद के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय झटका है।”
Matribhumisamachar


