नई दिल्ली । सोमवार, 10 अगस्त 2026
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, 10 से 16 अगस्त 2026 के दौरान देशभर में मानसून एक बार फिर अत्यंत सक्रिय होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य भारत, उत्तर-पूर्वी राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश का दौर देखने को मिलेगा। 10 अगस्त को कई राज्यों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
कानपुर में अगले सात दिनों का मौसम: उमस, बादल और भारी बारिश
औद्योगिक नगरी कानपुर और आसपास के मंडलों में इस पूरे सप्ताह मौसम की हलचल बनी रहेगी। पूरे हफ्ते आसमान में घने बादल छाए रहने, भारी उमस और रुक-रुक कर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। इस अवधि में शहर का न्यूनतम तापमान लगभग 26°C और अधिकतम तापमान 36°C के आसपास दर्ज किया जा सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में बारिश रुकने के बाद निकलने वाली धूप उमस के स्तर को बढ़ा सकती है, जिससे तापमान सामान्य रहने के बावजूद बेचैनी महसूस होगी।
दिन-प्रतिदिन का मौसम पूर्वानुमान (10 से 16 अगस्त)
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10 अगस्त (सोमवार): कानपुर सहित पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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11-12 अगस्त (मंगलवार-बुधवार): बारिश की तीव्रता में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बादल छाए रहने और बौछारें पड़ने का सिलसिला जारी रहेगा।
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13-14 अगस्त (गुरुवार-शुक्रवार): यह सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण दौर होगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण कानपुर मंडल और पूरे प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।
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15-16 अगस्त (शनिवार-रविवार): मूसलाधार बारिश का दौर धीरे-धीरे थमेगा, हालांकि छिटपुट बौछारें और आंशिक बादल बने रहेंगे।
देशभर में मानसून की स्थिति: पहाड़ों से लेकर मैदानों तक हलचल
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उत्तर भारत एवं पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते भूस्खलन और सड़कों के बाधित होने का जोखिम बढ़ गया है। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी बादल जमकर बरसेंगे।
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पूर्वी और मध्य भारत: 13 अगस्त को बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में नया निम्न दबाव तंत्र विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जाएगी।
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दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति को लेकर सतर्कता बरतने को कहा गया है। कोंकण, गोवा, गुजरात और केरल के तटीय इलाकों में भी समुद्र में ऊंची लहरें उठने की चेतावनी है।
सुरक्षा निर्देश और किसानों के लिए सलाह
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सड़क सुरक्षा: तेज बारिश और जलभराव के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं। आंधी के समय पेड़ों या कमजोर इमारतों के नीचे आश्रय न लें।
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कृषि कार्य: किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में पानी के उचित निकास (Drainage) का इंतजाम करें। 13 और 14 अगस्त को भारी बारिश की संभावना को देखते हुए कीटनाशकों का छिड़काव या सिंचाई टाल दें।
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मछुआरों के लिए निर्देश: तटीय इलाकों में हवा की गति तेज रहने के कारण समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: Kanpur me agle 7 dino me mausam kaisa rahega?
Ans: कानपुर में 10 से 16 अगस्त 2026 तक आसमान में बादल छाए रहेंगे, उमस बढ़ेगी और 13-14 अगस्त को भारी बारिश की पूरी संभावना है।
Q2: UP me sabse zyada baarish kab hogi?
Ans: मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 10 अगस्त को और फिर 13 तथा 14 अगस्त को कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है।
Q3: Kanpur me agle saptah taapman kitna rahega?
Ans: कानपुर में अगले सप्ताह न्यूनतम तापमान लगभग 26°C और अधिकतम तापमान 36°C के बीच रहने की उम्मीद है।
अस्वीकरण (Disclaimer)
यह समाचार लेख आईएमडी (IMD) द्वारा जारी पूर्वानुमानों पर आधारित है। स्थानीय मौसम में तत्कालिक परिस्थितियों के कारण बदलाव हो सकता है। आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक गाइडलाइंस का पालन करें।
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