नई दिल्ली | सोमवार, 10 अगस्त 2026
भारतीय संसद ने Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को पारित कर दिया है। यह विधेयक देश के कर ढांचे को आधुनिक बनाने, व्यवसायों के लिए अनुपालन (compliance) को आसान करने और भारत को एक वैश्विक विनिर्माण केंद्र (global manufacturing hub) के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
इस कानून के लागू होने से न केवल आयकर प्रावधानों में स्पष्टता आएगी, बल्कि विदेशी निवेश और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र को भी जबरदस्त प्रोत्साहन मिलेगा।
1. आयकर और वित्तीय प्रावधानों में सुधार
सरकार का मुख्य फोकस Ease of Doing Business को बढ़ावा देना है। विधेयक के तहत आयकर से जुड़े कई अस्पष्ट नियमों को सरल बनाया गया है।
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कम अनुपालन बोझ: टैक्स फाइलिंग और कॉरपोरेट अनुपालन से जुड़ी जटिलताओं को कम किया गया है।
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कर स्पष्टता: घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए टैक्स से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए स्पष्ट नियम तय किए गए हैं।
2. UPI और डिजिटल भुगतान: क्या लगेगा शुल्क?
विधेयक में Merchant Discount Rate (MDR) से जुड़े कानूनी ढांचे में संशोधन का प्रस्ताव है। हालांकि, इसे लेकर उठ रही अफवाहों पर सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है:
महत्वपूर्ण तथ्य: आम उपभोक्ताओं के लिए UPI (Unified Payments Interface) के जरिए किए जाने वाले सामान्य लेनदेन पूरी तरह से मुफ्त रहेंगे। MDR संशोधन मुख्य रूप से मर्चेंट-स्तरीय भुगतान प्रणालियों के नियमन के लिए हैं।
3. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और विदेशी निवेश
भारत को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत टेक विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए विशेष टैक्स इंसेंटिव (Tax Incentives) का प्रावधान किया गया है।
| उत्पाद श्रेणी | संभावित लाभ |
| स्मार्टफोन व टैबलेट | वैश्विक कंपनियों के लिए विशेष कर छूट |
| लैपटॉप और सर्वर | स्थानीय असेंबली और कंपोनेंट निर्माण पर राहत |
| ग्लोबल सप्लाई चेन | चीन से इतर भारत में विनिर्माण का अवसर |
इस कदम से Apple, Samsung और अन्य वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स दिग्गजों द्वारा भारत में अपना उत्पादन बढ़ाने की उम्मीद है, जिससे लाखों नए रोजगार सृजित होंगे।
4. REITs और InvITs निवेशकों के लिए राहत
रियल एस्टेट (REIT) और इंफ्रास्ट्रक्चर (InvIT) इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए भी कर नियमों को अधिक लचीला बनाया गया है। इससे बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट क्षेत्र में दीर्घकालिक पूंजी आकर्षित करने में मदद मिलेगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. क्या Taxation and Other Laws Bill, 2026 के बाद UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगेगा?
उत्तर: नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि आम नागरिकों के लिए UPI भुगतान पहले की तरह ही पूरी तरह से नि:शुल्क रहेगा।
Q2. इस विधेयक का इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा?
उत्तर: इससे मोबाइल, लैपटॉप और सर्वर बनाने वाली विदेशी व घरेलू कंपनियों को टैक्स में रियायतें मिलेंगी, जिससे भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का उत्पादन बढ़ेगा और ये उत्पाद सस्ते हो सकते हैं।
Q3. REITs और InvITs में क्या बदलाव किए गए हैं?
उत्तर: इनके टैक्स ढांचे में लचीलापन लाया गया है ताकि निवेशकों के लिए रिटर्न का गणित आसान हो सके और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में विदेशी निवेश को बढ़ावा मिले।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सूचनात्मक और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए तैयार किया गया है। इसमें शामिल जानकारी संसद में प्रस्तुत Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 के विवरण पर आधारित है। वित्तीय या कानूनी निर्णय लेने से पहले किसी प्रमाणित कर सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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