शुक्रवार, सितंबर 11 2026 | 05:10:54 PM

छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (T2): अनधिकृत प्रार्थना शेड पर MMRDA सख्त, MIAL को हटाने के दिए निर्देश

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
5 Min Read
मुंबई । 
मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) के टर्मिनल-2 (T2) परिसर में स्थित एक अस्थायी प्रार्थना शेड को लेकर विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। महाराष्ट्र महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) ने स्पष्ट कर दिया है कि इस ढांचे के निर्माण के लिए उनकी ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं दी गई थी। प्राधिकरण ने मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) को पत्र जारी कर इस अनधिकृत निर्माण पर तत्काल नियमानुसार कार्रवाई करने और इसे हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं।

कैसे शुरू हुआ विवाद और क्या है जमीनी स्थिति?

यह शेड T2 के VIP आगमन (Arrival) गेट और टैक्सी/ऑटो-रिक्शा स्टैंड के बेहद करीब स्थित है। शुरुआत में इस जगह का इस्तेमाल स्थानीय टैक्सी और ऑटो चालकों द्वारा प्रार्थना करने के लिए एक छोटे और अस्थायी शेड के रूप में किया जाता था।
हालांकि, समय के साथ इस अस्थायी शेड का धीरे-धीरे विस्तार किया गया। जांच और स्थानीय रिपोर्टों में यह बात सामने आई है कि इसमें बिना किसी पूर्व अनुमति के कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ दी गईं, जिनमें शामिल हैं:
  • पक्का फर्श और स्थायी स्ट्रक्चर
  • बिजली और पानी के अनधिकृत कनेक्शन
  • एयर कंडीशनर (AC) की व्यवस्था
  • वजू (प्रार्थना से पूर्व हाथ-पैर धोने) के लिए बनाया गया विशेष क्षेत्र

प्रशासनिक रुख और सुरक्षा संबंधी चिंताएं

MMRDA के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, हवाई अड्डा परिसर या उससे सटी भूमि पर किसी भी सार्वजनिक धार्मिक स्थल, पूजा स्थल या शेड के लिए कोई भूमि आवंटन या आरक्षण नहीं किया गया है। एयरपोर्ट परिसर की देखरेख, विकास और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने का प्राथमिक दायित्व MIAL का है।
संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र में इस तरह के अनधिकृत विस्तार ने सुरक्षा एजेंसियों और नागरिक उड्डयन सुरक्षा नियमों (Airport Security Norms) पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अति-संवेदनशील VIP जोन के पास बिना अनुमति किसी भी संरचना का विस्तार सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

मामले पर शुरू हुई राजनीति

इस पूरे घटनाक्रम ने अब राजनीतिक रूप भी ले लिया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मांग की है कि इस अनधिकृत ढांचे को तुरंत ढहाया जाए और सरकारी/एयरपोर्ट भूमि पर अवैध निर्माण व सुविधाएं जुटाने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, MIAL पर प्रशासनिक और कानूनी दबाव बढ़ गया है कि वह भूमि उपयोग और सुरक्षा नियमों का पालन कराते हुए जल्द से जल्द इस अवैध ढांचे को हटाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: मुंबई एयरपोर्ट T2 के पास प्रार्थना शेड का विवाद क्या है?
उत्तर: मुंबई एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 (VIP आगमन क्षेत्र) के पास बने एक प्रार्थना शेड में बिना अनुमति बिजली, पानी और एसी जैसी सुविधाएं जोड़कर इसका विस्तार किया गया। MMRDA ने इसे अनधिकृत घोषित करते हुए हटाने के निर्देश दिए हैं।
Q2: इस मामले में MMRDA की क्या भूमिका है?
उत्तर: MMRDA उस क्षेत्र की नोडल विकास प्राधिकरण एजेंसी है। MMRDA ने स्पष्ट किया है कि उसने इस तरह के किसी धार्मिक या सार्वजनिक ढांचे के लिए भूमि आवंटित या रिजर्व नहीं की है।
Q3: इस शेड का उपयोग कौन करता था?
उत्तर: प्राथमिक रूप से इस शेड का उपयोग एयरपोर्ट परिसर के बाहर तैनात टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों द्वारा प्रार्थना के लिए किया जाता था।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख उपलब्ध आधिकारिक बयानों, मीडिया रिपोर्टों और प्रशासनिक सूचनाओं के आधार पर तैयार किया गया एक विश्लेषणात्मक समाचार विवरण है। इस विषय पर किसी भी नए अपडेट या आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि संबंधित सरकारी प्राधिकरणों (MMRDA/MIAL) द्वारा जारी अंतिम विज्ञप्ति से की जानी चाहिए।

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।