अहमदाबद. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान तीर्थनगरी सोमनाथ पहुंचे। यहाँ उन्होंने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में हिस्सा लिया और एक विशाल मेगा रोड शो के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रधानमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऐतिहासिक गौरव का उत्सव: ‘स्वाभिमान पर्व’
यह आयोजन विशेष रूप से दो महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पड़ावों को समर्पित है:
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विनाश पर विजय के 1000 वर्ष: वर्ष 1026 में विदेशी आक्रांता महमूद गजनवी द्वारा मंदिर पर किए गए आक्रमण की 1,000वीं वर्षगांठ पर यह पर्व भारत के अदम्य साहस को नमन करने के लिए मनाया जा रहा है।
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पुनर्निर्माण की हीरक जयंती: प्रधानमंत्री ने उस जीर्णोद्धार के 75 वर्ष पूरे होने का भी जश्न मनाया, जिसकी नींव देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने रखी थी।
भव्य रोड शो और जन-उत्साह
सोमनाथ की सड़कों पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग जुटे।
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फूलों की बारिश और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच पीएम मोदी ने खुली गाड़ी में जनता का अभिवादन स्वीकार किया।
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रोड शो के दौरान पूरे मार्ग को भगवा झंडों और सांस्कृतिक झांकियों से सजाया गया था।
‘शौर्य यात्रा’ और विशेष पूजा
प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और मंदिर परिसर में चल रहे 72 घंटे के अखंड ‘ओंकार मंत्र’ जाप में भी शिरकत की।
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उन्होंने ‘शौर्य यात्रा’ का अवलोकन किया, जिसमें 108 घोड़ों के साथ उन वीरों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने सदियों तक मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया।
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रात में एक भव्य ड्रोन शो का आयोजन किया गया, जिसने सोमनाथ के पुनरुत्थान की गाथा को आसमान में जीवंत कर दिया।
प्रधानमंत्री का संदेश
जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की चेतना और कभी न झुकने वाले स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी विरासत पर गर्व करना जानता है और अपनी सांस्कृतिक जड़ों को मजबूत कर रहा है।
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