कानपुर। शहर के बच्चों और पर्यटकों के लिए एक खुशखबरी है। कानपुर प्राणि उद्यान (चिड़ियाघर) की लाइफलाइन कही जाने वाली टॉय ट्रेन एक बार फिर पटरी पर दौड़ने के लिए तैयार है। नवंबर 2022 में हुए एक दुखद हादसे के बाद से बंद पड़ी इस ट्रेन को आधुनिक सुरक्षा मानकों के साथ दोबारा शुरू करने का फैसला लिया गया है।
🛡️ सुरक्षा पहले: विशेषज्ञों की देखरेख में नया रोडमैप
जू प्रशासन इस बार सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहता। ट्रेन के संचालन को सुरक्षित बनाने के लिए HBTU (कानपुर) और रायबरेली रेल कोच फैक्ट्री के विशेषज्ञों की मदद ली गई है।
मुख्य सुधार कार्य:
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पिलरों का स्थानांतरण: प्लेटफॉर्म के पास लगे उन पिलरों को हटाया या पीछे किया जाएगा, जो हादसों का कारण बन सकते हैं।
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ट्रैक का नवीनीकरण: पूरे ट्रैक की मरम्मत, लेवलिंग और तकनीकी अपग्रेडेशन का काम अंतिम चरण में है।
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अंतिम निरीक्षण: सभी कार्य पूरे होने के बाद विशेषज्ञों की टीम दोबारा फिटनेस चेक करेगी, जिसके बाद ही ट्रेन को हरी झंडी मिलेगी।
🗓️ 3 साल बाद खत्म होगा इंतजार
चिड़ियाघर के निदेशक डॉ. कन्हैया पटेल के अनुसार, अगले तीन महीनों के भीतर सभी तकनीकी खामियों को दूर कर लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब ट्रेन पुराने ढर्रे पर नहीं, बल्कि नए सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत चलेगी।
“हमारा लक्ष्य पर्यटकों को मनोरंजन के साथ-साथ एक सुरक्षित वातावरण देना है। रेल कोच फैक्ट्री के मानकों पर खरा उतरने के बाद ही संचालन शुरू होगा।”
— डॉ. कन्हैया पटेल, निदेशक, कानपुर जू
🔙 फ्लैशबैक: क्यों बंद हुई थी ट्रेन?
बता दें कि 26 नवंबर 2022 को एक बेहद दुखद हादसा हुआ था। परिवार के साथ घूमने आईं शिक्षिका अंजू शर्मा ट्रेन में चढ़ते समय प्लेटफॉर्म के पिलर से टकराकर नीचे गिर गई थीं और ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मृत्यु हो गई थी। इस घटना के बाद से ही प्रशासन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए ट्रेन के पहिए थाम दिए थे।
📈 पर्यटन और राजस्व को मिलेगा बढ़ावा
टॉय ट्रेन न केवल बच्चों का आकर्षण है, बल्कि यह चिड़ियाघर की आय का भी एक बड़ा जरिया है। इसके दोबारा शुरू होने से पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद है।
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