लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कानपुर में बुधवार को आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम ने शहर के तीन सबसे बड़े ज्वेलरी हब—बिरहाना रोड, नयागंज और लाल बंगला में एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई से पूरे सर्राफा बाजार में हड़कंप मच गया है। भारी पुलिस बल और PAC की मौजूदगी में अधिकारी दस्तावेजों और स्टॉक की गहन जांच कर रहे हैं।
मुख्य आकर्षण (Highlights):
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समय: दोपहर 01:30 बजे एक साथ तीन जगहों पर कार्रवाई शुरू हुई।
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प्रमुख संस्थान: हीरा ज्वैलर्स (बिरहाना रोड), एसएस ज्वैलर्स (नयागंज) और दुलारे ज्वैलर्स (लाल बंगला)।
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सुरक्षा: पीएसी (PAC) के जवानों सहित भारी पुलिस फोर्स तैनात।
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जांच का दायरा: शोरूम के साथ-साथ मालिकों के घरों पर भी छापेमारी।
अचानक हुई कार्रवाई से बाजार में दहशत
कानपुर का सर्राफा बाजार बुधवार दोपहर को उस समय सहम गया, जब आयकर विभाग की पांच लग्जरी गाड़ियां सुरक्षाकर्मियों के साथ बिरहाना रोड पर रुकीं। देखते ही देखते हीरा ज्वैलर्स, एसएस ज्वैलर्स और दुलारे ज्वैलर्स के गेटों को सील कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों ने किसी के भी अंदर आने या बाहर जाने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।
इन तीन प्रतिष्ठानों पर चल रही है जांच
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हीरा ज्वैलर्स (बिरहाना रोड): शहर के सबसे प्रतिष्ठित ज्वेलरी शोरूम में से एक।
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एसएस ज्वैलर्स (नयागंज): थोक और रिटेल ज्वेलरी का बड़ा केंद्र।
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दुलारे ज्वैलर्स (लाल बंगला): इस क्षेत्र का जाना-माना नाम।
वित्तीय अनियमितताओं की मिली थी गुप्त सूचना
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को लंबे समय से इन प्रतिष्ठानों में वित्तीय अनियमितताओं, अघोषित संपत्ति और स्टॉक में हेरफेर की शिकायतें मिल रही थीं। इसी इनपुट के आधार पर विभाग ने इस ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ को अंजाम दिया। वर्तमान में अधिकारी निम्नलिखित पहलुओं की जांच कर रहे हैं:
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पिछले तीन वर्षों के खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड।
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कच्चे और पक्के बिलों का मिलान।
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शोरूम में मौजूद सोने-चांदी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन।
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डिजिटल ट्रांजैक्शन और बैंक खातों का विवरण।
शोरूम के साथ घरों पर भी दबिश
आयकर विभाग की रणनीति केवल शोरूम तक सीमित नहीं रही। सूत्रों के मुताबिक, टीमों ने दुकान के संचालकों के घरों पर भी दस्तक दी है। घर के अंदर मौजूद दस्तावेजों, लॉकरों और अन्य कीमती सामानों की पड़ताल की जा रही है। कर्मचारियों को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है और उन्हें परिसर के अंदर ही रोक कर पूछताछ की जा रही है।
क्या यह सर्वे है या छापेमारी?
बाजार में इस बात को लेकर चर्चा गर्म है कि यह केवल एक ‘सर्वे’ है या पूर्ण रूप से ‘छापेमारी’ (Search and Seizure)। हालांकि, जिस तरह से भारी पुलिस बल और PAC की तैनाती की गई है, वह बड़ी कार्रवाई की ओर इशारा कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। संभावना जताई जा रही है कि यह ऑपरेशन अगले 24 से 48 घंटों तक जारी रह सकता है।
व्यापारियों में हलचल और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छापेमारी की खबर जैसे ही अन्य ज्वैलर्स को मिली, कई व्यापारियों ने अपनी दुकानों के शटर गिरा दिए। बिरहाना रोड और नयागंज जैसे व्यस्त इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया हुआ है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
कानपुर में हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासे कर सकती है। आयकर विभाग की यह सक्रियता शहर के अन्य बड़े व्यापारियों के लिए भी एक चेतावनी के रूप में देखी जा रही है।
Matribhumisamachar


