नई दिल्ली. मिडल-ईस्ट में जारी युद्ध की आग अब समुद्र तक फैल चुकी है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक मालवाहक जहाज को निशाना बनाया गया है।
कांडला आ रहा था जहाज, रास्ते में बरपा कहर
बुधवार को थाईलैंड के ध्वज वाले मालवाहक जहाज ‘मायुरी नारी’ (Mayury Naree) पर उस समय हमला हुआ, जब वह संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के खलीफा बंदरगाह से निकलकर भारत के गुजरात स्थित कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। यह हमला ओमान के तट से लगभग 11 नॉटिकल मील दूर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में हुआ।
अज्ञात ‘प्रोजेक्टाइल’ (मिसाइल या ड्रोन) के टकराते ही जहाज के इंजन रूम में भीषण विस्फोट हुआ और काला धुआं आसमान छूने लगा। हमले के बाद जहाज ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण चालक दल को ‘लाइफ राफ्ट’ के जरिए समुद्र में कूदना पड़ा।
मिडिल ईस्ट तनाव: ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर
रेस्क्यू ऑपरेशन: 20 सुरक्षित, 3 की तलाश जारी
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) और ओमानी नौसेना ने तुरंत मोर्चा संभाला। रॉयटर्स के अनुसार:
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कुल क्रू: जहाज पर कुल 23 सदस्य सवार थे।
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बचाए गए: 20 नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है।
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लापता: 3 नाविक अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश के लिए गोताखोर और गश्ती जहाज तैनात हैं।
रॉयल थाई नेवी ने पुष्टि की है कि जहाज का प्रबंधन ‘प्रेशियस शिपिंग’ कंपनी कर रही है। 178 मीटर लंबे इस बल्क कैरियर की क्षमता 30 हजार टन है और यह औद्योगिक कच्चे माल से लदा हुआ था।
समुद्री सुरक्षा और भारतीय नौसेना की रणनीति
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की ‘रग’ पर हमला
यह हमला सिर्फ एक जहाज पर नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा पर प्रहार है।
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ऊर्जा संकट: दुनिया का लगभग 20% कच्चा तेल इसी संकरे मार्ग से गुजरता है।
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भारत पर असर: भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। ‘मायुरी नारी’ का गंतव्य भारत होना यह दर्शाता है कि भारतीय समुद्री व्यापार अब सीधे जोखिम में है।
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बीमा और लागत: इस तरह के हमलों से समुद्री बीमा (Marine Insurance) की दरें बढ़ जाती हैं, जिसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल और आयातित वस्तुओं की कीमतों पर पड़ता है।
क्यों बढ़ रहा है तनाव?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इजरायल के बीच जारी ‘शैडो वॉर’ अब खुले संघर्ष में बदल रहा है। इस क्षेत्र में तैनात अमेरिकी नौसेना और हुथी विद्रोहियों की सक्रियता ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी को ‘डेंजर ज़ोन’ बना दिया है। फिलहाल किसी भी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन जांच एजेंसियां मलबे और हमले के पैटर्न का विश्लेषण कर रही हैं।
चेतावनी: UKMTO ने क्षेत्र में मौजूद सभी व्यापारिक जहाजों को ‘अत्यधिक सावधानी’ बरतने और किसी भी संदिग्ध ड्रोन या नाव की सूचना तुरंत देने का निर्देश दिया है।
वैश्विक तेल बाजार और बढ़ती कीमतें: एक विश्लेषण
आगे क्या?
थाई अधिकारियों के अनुसार, जहाज पर लगी आग को बुझा दिया गया है, लेकिन इंजन रूम को हुए नुकसान के कारण जहाज फिलहाल बीच समुद्र में खड़ा है। भारत की नौसेना भी क्षेत्र में स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि भारतीय हितों की रक्षा की जा सके।
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