शनिवार, सितंबर 12 2026 | 01:29:58 AM

मिहिर की घर वापसी! तुलसी की दुआ हुई पूरी, स्टार प्लस के ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में आखिरकार होने जा रही है टेलीविजन की सबसे चर्चित वापसी

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
3 Min Read

मुंबई, सितम्बर, 2026: पिछले कई हफ्तों से हर किसी के मन में बस एक ही सवाल था, क्या मिहिर वापस आ रहा है? उसकी वापसी को लेकर दर्शकों के बीच तरह-तरह की चर्चाएँ और अटकलें लगाई जा रही थीं। अब आखिरकार इंतजार खत्म हो गया है! स्टार प्लस ने नया प्रोमो जारी कर इस बात की पुष्टि कर दी है कि अमर उपाध्याय, मिहिर विरानी के रूप में ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में वापसी कर रहे हैं। गणेश चतुर्थी के खास मौके पर हो रही यह घर वापसी इस अवसर को और भी यादगार बना रही है। इस बार बप्पा ने न सिर्फ तुलसी की प्रार्थना सुन ली है, बल्कि मिहिर को दोबारा शांतिनिकेतन में देखने का इंतजार कर रहे लाखों प्रशंसकों की इच्छा भी पूरी कर दी है।

प्रोमो लिंक: https://www.instagram.com/reel/DdIyARusxXH/?stkn=MW1nd3UxM3ZuYmNiMQ==

अपनी इस चर्चित वापसी के बारे में अमर उपाध्याय ने कहा, “मिहिर मेरे लिए सिर्फ एक किरदार नहीं है। वह मेरी जिंदगी और मेरे सफर का बेहद अहम् हिस्सा रहा है। इतने वर्षों में दर्शकों ने मिहिर को जो प्यार दिया है, उसे मैंने हमेशा अपने दिल के करीब रखा है। पिछले कुछ समय से मिहिर की वापसी को लेकर काफी चर्चा हो रही थी। मेरे प्रशंसक लगातार मुझसे पूछ रहे थे कि मैं शो में कब लौटूँगा। उनका यह उत्साह देखकर मेरी घर वापसी और भी खास हो गई है। शांतिनिकेतन लौटना और तुलसी व पूरे विरानी परिवार के बीच एक बार फिर मिहिर बनकर खड़ा होना पुरानी यादों को ताजा कर देता है। सच कहूँ तो ऐसा लग रहा है, जैसे मैं अपने घर लौट आया हूँ। हालाँकि, इस दौरान बहुत कुछ बदल चुका है। रिश्तों ने नए मोड़ लिए हैं और मिहिर अब एक ऐसे परिवार में लौट रहा है, जो अपने सफर में कई उतार-चढ़ाव से गुजर चुका है। मैं यह देखने के लिए बेहद उत्साहित हूँ कि जब मिहिर दोबारा उनकी जिंदगी में कदम रखेगा, तो दर्शकों की क्या प्रतिक्रिया होगी।”

देखिए ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’, हर दिन रात 10:30 बजे स्टार प्लस पर और कभी भी जियोहॉटस्टार पर।

Featured Article

Related Post

Share This Article
Follow:
लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।