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अनुराग कश्यप द्वारा निर्मित बच्चों की फिल्म ‘लिटिल थॉमस’ में गुलशन देवैया और रसिका दुग्गल, 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में होगी रिलीज़

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
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मुंबई,सितंबर 2026: सात साल के थॉमस के लिए इस सवाल का जवाब बेहद आसान है कि बच्चे आखिर आते कहाँ से हैं? उसके लिए तो बस इतना ही काफी है कि उसके माता-पिता एक-दूसरे को किस कर लें। इसी मासूम सोच पर आधारित है अनुराग कश्यप द्वारा निर्मित आगामी फिल्म ‘लिटिल थॉमस’, जिसमें गुलशन देवैया और रसिका दुग्गल मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म 23 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

कौशल ओझा के निर्देशन में बनी इस फिल्म का निर्माण Luminoso Pictures, Civic Studios, Good Bad Films और रंजन सिंह की Flip Films ने अनुराग कश्यप के साथ मिलकर किया है। फिल्म में बाल कलाकार हृदांश पारेख लिटिल थॉमस की भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म 2007 में आई उनकी एनिमेटेड निर्देशित फिल्म ‘Return of Hanuman’ के बाद अनुराग कश्यप की बच्चों के लिए सिनेमा की दुनिया में पहली वापसी है।

फिल्म को अपने करियर की “सबसे प्यारी” फिल्मों में से एक बताते हुए गुलशन देवैया ने कहा, “यह गोवा के एक साधारण परिवार की दिल छू लेने वाली कहानी है और इस फिल्म का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा है। कौशल ओज़ा के शानदार काम का हिस्सा बनना और रसिका दुग्गल के साथ स्क्रीन साझा करना मेरे लिए बेहद यादगार अनुभव रहा।”

वहीं, रसिका दुग्गल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ‘लिटिल थॉमस’ अब सिनेमाघरों तक पहुंच रही है। उन्होंने कहा, “यह ऐसी फिल्म है जो बिना किसी गैर-ज़रूरी तामझाम के अपनी कहानी की आत्मा से पूरी तरह जुड़ी रहती है। आज बच्चों के लिए इतनी कम फिल्में बनती हैं, खासकर ऐसी फिल्में जो उन्हें छोटा या कम समझदार मानकर उनसे बात न करें। मुझे लगता है कि ‘लिटिल थॉमस’ इस कमी को बहुत खूबसूरत तरीके से पूरा करती है। यह बच्चों की फिल्म है, लेकिन इसका आनंद बड़े भी उतना ही ले सकते हैं।”

90 के दशक के गोवा की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फिल्म थॉमस की कहानी है, जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान है और बेहद चाहता है कि उसका एक छोटा भाई हो। फिल्म के आधिकारिक सिनॉप्सिस के अनुसार, “एक दिन उसे बताया जाता है कि छोटा भाई पाने के लिए उसके माता-पिता को एक-दूसरे को किस करना होगा। लेकिन उसके झगड़ते रहने वाले माता-पिता अब एक-दूसरे को किस नहीं करते। ऐसे में लिटिल थॉमस खुद ही उन्हें यह ‘गंदी’ हरकत करने के लिए राज़ी कराने की जिम्मेदारी उठा लेता है!”

Civic Studios की अनुष्का शाह ने कहा, “‘लिटिल थॉमस’ एक बेहद प्यारी, गर्मजोशी से भरी और मज़ेदार बच्चों की फिल्म है, जो उस सदियों पुराने सवाल का जवाब देती है जो बच्चे अक्सर पूछते हैं – “बच्चे आते कहाँ से हैं?” Civic Studios के तौर पर हम इस कहानी का समर्थन करना चाहते थे, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण सवाल का जवाब देने के साथ-साथ भारत में उच्च गुणवत्ता वाली बच्चों की फिल्मों की एक बड़ी कमी को भी पूरा करती है।”

निर्देशक कौशल ओज़ा ने फिल्म को अपने बचपन से प्रेरित बताते हुए कहा, “इसे बनाते हुए मेरी पूरी टीम और मैंने खूब मज़ा किया, खासकर बच्चों के उस संक्रामक उत्साह की वजह से जो वे सेट पर लेकर आए थे। उनकी केमिस्ट्री स्क्रीन पर भी साफ दिखाई देती है। थॉमस आपको मुस्कुराने पर मजबूर करेगा, हँसाएगा और शायद आपकी आँखों में एक-दो आँसू भी ले आएगा।”

निर्माता रंजन सिंह ने कहा कि ‘लिटिल थॉमस’ ऐसी फिल्म है जिसे टीम ने “हमें याद दिलाने के लिए बनाया कि हम फिल्में क्यों बनाते हैं।”

उन्होंने कहा, “यह एक लड़के और उसके एक सवाल का जवाब तलाशने के उसके सफर की बेहद मासूम और मज़ेदार कहानी है। आज के दौर में जब फिल्मों में तेज़ कट्स और भरपूर एड्रेनालिन देखने को मिलता है, ऐसे समय में यह एक सरल और प्यारी फिल्म है, जिसे परिवार का हर सदस्य देख सकता है और जिसे पूरे परिवार को साथ बैठकर देखना चाहिए।”

ऑफिशियल टीज़र: https://www.instagram.com/reel/DdIqfH3o_dI/?stkn=MWNmbXJlM3BxMjYyOA==

‘लिटिल थॉमस’ 23 अक्टूबर को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।