जम्मू: जम्मू के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में बुधवार देर रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक हाई-प्रोफाइल शादी समारोह में अचानक गोलियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी। इस हमले में जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी घायल हो गए, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला सुरक्षित हैं। पुलिस ने हमलावर को गिरफ्तार कर लिया है और इलाके में तनाव को देखते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
रॉयल पार्क में मची भगदड़: क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रेटर कैलाश स्थित रॉयल पार्क में एक वरिष्ठ वकील की बेटी का विवाह समारोह चल रहा था। इस समारोह में राज्य की कई बड़ी हस्तियां और वीवीआईपी मेहमान शिरकत कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब मेहमान खाने और मेल-मिलाप में व्यस्त थे, तभी अचानक एक व्यक्ति ने फायरिंग शुरू कर दी।
फायरिंग की आवाज सुनते ही समारोह में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभाला और वीवीआईपी नेताओं को घेरे में लेकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
डिप्टी सीएम को लगी छर्रे की चोट
इस घटना में उपमुख्यमंत्री सुरेंद्र चौधरी के पास से गोली गुजरी, जिसके छर्रे (Pellets) उनके शरीर के कुछ हिस्सों में लगे। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। चिकित्सा अधिकारियों ने पुष्टि की है कि:
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उनकी चोटें गंभीर नहीं हैं।
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उपचार के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है।
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डॉक्टरों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला भी उसी स्थल पर मौजूद थे, लेकिन सुरक्षा घेरे के कारण उन्हें कोई आंच नहीं आई।
हमलावर गिरफ्तार: पुरानी मंडी का निवासी है आरोपी
सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी के कारण हमलावर को भागने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया, जिसकी पहचान कमल सिंह जम्वाल (निवासी पुरानी मंडी, जम्मू) के रूप में हुई है।
जांच के अहम बिंदु:
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हथियार की बरामदगी: पुलिस ने हमलावर के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया हथियार जब्त कर लिया है।
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सुरक्षा में चूक: इतने बड़े आयोजन में, जहां मेटल डिटेक्टर और सुरक्षाकर्मी तैनात थे, वहां एक व्यक्ति हथियार लेकर अंदर कैसे पहुंचा, यह एक बड़ा सवाल है।
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मकसद की तलाश: पुलिस पूछताछ कर रही है कि क्या यह कोई व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के तुरंत बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए। ग्रेटर कैलाश और आसपास के इलाकों में नाकाबंदी कर दी गई है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि: “चुनावी माहौल और नई सरकार के गठन के बाद इस तरह की वीवीआईपी सुरक्षा में चूक राज्य की कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है।”
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