गाजीपुर. भारतीय क्रिकेट के ‘मिस्टर 360 डिग्री’ और टी-20 क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के पैतृक जिले गाजीपुर के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। गाजीपुर के सैदपुर तहसील स्थित इशोपुर में सूर्यकुमार यादव के नाम पर एक शानदार क्रिकेट एकेडमी खोलने का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
इस पहल से न केवल पूर्वांचल के उभरते क्रिकेटरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की कोचिंग मिलेगी, बल्कि जिले का नाम खेल जगत में और भी ऊंचा होगा।
रामकरन स्पोर्ट्स एकेडमी ने बढ़ाया हाथ
इशोपुर स्थित रामकरन शिक्षण संस्थान के अधीन संचालित रामकरन स्पोर्ट्स एकेडमी ने इस नेक काम के लिए पहल की है। संस्थान के निदेशक आशीष यादव ने सैदपुर के जॉइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड से मुलाकात कर अपनी एकेडमी का मैदान इस प्रस्तावित क्रिकेट एकेडमी के लिए उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया है।
आशीष यादव का कहना है कि:
“हमारे यहाँ पहले से ही एथलेटिक्स और कुश्ती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अगर यहाँ सूर्यकुमार यादव के नाम पर क्रिकेट एकेडमी शुरू होती है, तो यह जिले के लिए गौरव की बात होगी।”
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SKY की तरफ से मिलेगी विशेष मदद
इस महत्वपूर्ण बैठक में सूर्यकुमार यादव के चाचा राजकपूर भी शामिल रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को उत्साहित करते हुए बताया कि इस एकेडमी को केवल सरकारी भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा। सूर्यकुमार यादव व्यक्तिगत रूप से इस एकेडमी की निगरानी करेंगे और खिलाड़ियों के लिए आधुनिक किट, नेट और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।
प्रशासनिक स्तर पर शुरू हुई तैयारी
जॉइंट मजिस्ट्रेट रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया है। उन्होंने बताया कि:
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प्रस्ताव तैयार: एकेडमी के संचालन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर जल्द ही जिला मुख्यालय भेजी जाएगी।
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गांव का विकास: सूर्यकुमार यादव के पैतृक गांव के विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं (सड़क, बिजली, पानी) को और बेहतर करने की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।
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स्पोर्ट्स हब: प्रशासन का लक्ष्य गाजीपुर को एक ‘स्पोर्ट्स हब’ के रूप में विकसित करना है।
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स्थानीय खिलाड़ियों के लिए क्यों है यह खास?
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प्रोफेशनल ट्रेनिंग: अब गाजीपुर के बच्चों को क्रिकेट सीखने के लिए बनारस या लखनऊ जैसे बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
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मेडल की उम्मीद: अत्याधुनिक संसाधनों के मिलने से गाजीपुर से भी भविष्य के ‘SKY’ निकलने की राह आसान होगी।
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रोजगार के अवसर: एकेडमी के आने से खेल से जुड़ी अन्य गतिविधियों और स्थानीय बाजार को भी बढ़ावा मिलेगा।
गाजीपुर ने पहले भी सेना और साहित्य में देश को बड़े नाम दिए हैं, अब बारी खेल की है। प्रशासन और स्थानीय लोगों के इस साझा प्रयास से उम्मीद है कि बहुत जल्द यहाँ से निकली प्रतिभाएं नीली जर्सी में देश का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी।
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