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बादशाह के ‘टटीरी’ गाने पर बढ़ा बवाल: अपर्णा यादव ने सीएम योगी से की यूपी में बैन लगाने की मांग

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रैपर बादशाह की तस्वीर और 'टटीरी' गाने का पोस्टर

लखनऊ: मशहूर रैपर और सिंगर बादशाह (Badshah) एक बार फिर अपने गीतों के बोलों को लेकर विवादों के घेरे में हैं। इस बार मामला उनके हालिया रिलीज गाने ‘टटीरी’ (Tateeri) से जुड़ा है, जिस पर अश्लीलता और महिलाओं के अपमान का आरोप लगा है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश में बादशाह के कार्यक्रमों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है।

अपर्णा यादव की सीएम योगी से अपील

बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक जनसुनवाई के दौरान अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि वह महिलाओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने घोषणा की कि वह जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक औपचारिक पत्र लिखेंगी।

“महिलाओं की गरिमा से जुड़े मामलों में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। मैं मुख्यमंत्री जी से आग्रह करूंगी कि ऐसे गाने बनाने वाले कलाकारों की उत्तर प्रदेश की धरती पर कोई प्रस्तुति न होने दी जाए।” — अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (UP महिला आयोग)

हरियाणा महिला आयोग की कार्रवाई का समर्थन

यह विवाद तब शुरू हुआ जब हरियाणा महिला आयोग ने गाने के बोलों पर आपत्ति जताते हुए बादशाह को नोटिस जारी किया था। अपर्णा यादव ने कहा कि हालांकि उन्होंने अभी तक यह गाना खुद नहीं सुना है, लेकिन वह हरियाणा महिला आयोग द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई का स्वागत करती हैं। उनका मानना है कि कलाकारों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

क्या है ‘टटीरी’ गाने का पूरा विवाद?

बादशाह का यह गाना रिलीज होने के साथ ही सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंट गया था।

  • आरोप: आलोचकों का कहना है कि गाने में इस्तेमाल किए गए शब्द द्विअर्थी (double meaning) और महिलाओं के प्रति अभद्र हैं।

  • सोशल मीडिया रिएक्शन: जहाँ एक तरफ बादशाह के प्रशंसक इसे सिर्फ एक ‘पार्टी एंथम’ मान रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसे भारतीय संस्कृति और महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया जा रहा है।

जनसुनवाई में एक्शन मोड में दिखीं अपर्णा यादव

विवादित बयान के अलावा, अपर्णा यादव ने महिला आयोग कार्यालय में 8 पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुना। उन्होंने न केवल संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, बल्कि जमीनी हकीकत जानने के लिए औचक निरीक्षण भी किया:

  1. लोकबंधु अस्पताल: स्वास्थ्य सेवाओं और महिला वार्ड की स्थिति का जायजा लिया।

  2. वन स्टॉप सेंटर: हिंसा पीड़ित महिलाओं के लिए बनाई गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की और अधिकारियों को व्यवस्थाएं और दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मनोरंजन जगत बनाम सामाजिक मर्यादा

यह पहली बार नहीं है जब बादशाह के गानों पर विवाद हुआ है। इससे पहले भी ‘गेंदा फूल’ और ‘सनक’ जैसे गानों को लेकर उन पर धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोप लग चुके हैं। लेकिन इस बार, उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में उनके कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग ने इस विवाद को राजनीतिक और प्रशासनिक मोड़ दे दिया है।

आगे क्या होगा? अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री कार्यालय पर हैं। यदि सीएम योगी इस मांग को स्वीकार करते हैं, तो बादशाह के आगामी ‘टूर’ और यूपी में होने वाले म्यूजिक कंसर्ट्स पर बड़ा संकट मंडरा सकता है।

matribhumisamachar.com

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