नई दिल्ली. देश के करोड़ों गरीब परिवारों और रसोई बजट को लेकर चिंतित आम जनता के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी राहत भरी घोषणा की है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने रसोई गैस (LPG) सब्सिडी के मद में 30,000 करोड़ रुपये के भारी-भरकम मुआवजे को मंजूरी दे दी है। इस कदम से न केवल सरकारी तेल कंपनियों का बोझ कम होगा, बल्कि उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सीधे तौर पर सस्ता सिलेंडर मिलता रहेगा।
उज्ज्वला लाभार्थियों को ₹300 की सीधी छूट
लोकसभा में एक लिखित जवाब के दौरान पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने स्पष्ट किया कि सरकार ऊर्जा सुरक्षा और गरीबों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार:
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सामान्य दर: दिल्ली में 14.2 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर की बाजार कीमत ₹913 है।
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उज्ज्वला दर: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत लाभार्थियों को ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी दी जा रही है।
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प्रभावी कीमत: इस छूट के बाद गरीब परिवारों को यह सिलेंडर मात्र ₹613 में उपलब्ध हो रहा है।
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रसोई गैस की किल्लत रोकने के लिए ‘प्लान-B’ तैयार
संसद में जानकारी दी गई कि देश में LPG की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने Essential Commodities Act (आवश्यक वस्तु अधिनियम) के तहत सख्त निर्देश जारी किए हैं।
सभी तेल रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को आदेश दिया गया है कि वे अपनी C3 और C4 स्ट्रीम (प्रोपेन और ब्यूटेन) का रुख LPG उत्पादन की ओर मोड़ें। यह उत्पादन विशेष रूप से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) को सप्लाई किया जाएगा ताकि घरेलू बाजार में गैस की कमी न हो।
ऊर्जा सुरक्षा: भारत ने बनाया विशाल ‘पेट्रोलियम कवच’
वैश्विक स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए भारत ने अपनी तैयारी पुख्ता कर ली है। Indian Strategic Petroleum Reserves Limited (ISPRL) के माध्यम से देश में 5.33 मिलियन मीट्रिक टन क्षमता वाले रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) तैयार किए गए हैं।
महत्व: यह भंडार किसी भी वैश्विक संकट या युद्ध जैसी स्थिति में भारत की तेल आपूर्ति को महीनों तक निर्बाध रखने में सक्षम है।
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पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर अपडेट: बोझ से बचाने की कोशिश
मंत्री ने सदन को बताया कि भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बाजार आधारित हैं, लेकिन सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कई बार हस्तक्षेप किया है।
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ऐतिहासिक कटौती: नवंबर 2021 और मई 2022 में केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कुल ₹13 और ₹16 प्रति लीटर की कटौती की गई थी।
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हालिया राहत: मार्च 2024 में तेल कंपनियों ने खुदरा कीमतों में ₹2 की कमी की।
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अप्रैल 2025 का रोचक तथ्य: सरकार ने जानकारी दी कि अप्रैल 2025 में एक्साइज ड्यूटी में ₹2 की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन तेल कंपनियों ने कुशलतापूर्वक इसका प्रबंधन किया और इस वृद्धि का बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया।
क्या आगे और सस्ती होगी गैस?
विशेषज्ञों का मानना है कि ₹30,000 करोड़ की इस नई मंजूरी से आने वाले महीनों में कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी। सरकार का लक्ष्य ‘स्वच्छ ईंधन, बेहतर जीवन’ के नारे को साकार करना है, जिससे लकड़ी और कोयले के धुएं से ग्रामीण महिलाओं को मुक्ति मिल सके।
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