तिरुमाला | रविवार, 12 अप्रैल 2026
कलयुग के प्रत्यक्ष देव भगवान श्री वेंकटेश्वर के धाम तिरुमाला में वर्ष 2025-26 श्रद्धा और आधुनिक प्रबंधन के मेल का एक ऐतिहासिक वर्ष बन गया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) द्वारा जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, आधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और पारदर्शी व्यवस्थाओं के दम पर न केवल श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है, बल्कि उनके दर्शन के अनुभव को भी सुगम बनाया गया है।
📈 दर्शन में 4.57% का उछाल: हर दिन 73 हजार श्रद्धालु
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो वित्तीय वर्षों (2023-25) के दौरान जहाँ प्रतिदिन औसतन 70,000 श्रद्धालु दर्शन कर रहे थे, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 73,000 प्रतिदिन पहुंच गया है।
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वैकुंठ एकादशी का रिकॉर्ड: इस वर्ष वैकुंठ द्वार दर्शन के 10 दिनों के दौरान पिछले वर्ष की तुलना में 1.4 लाख अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए।
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कुल उपस्थिति: वर्ष 2026 की शुरुआत में ही दर्शनार्थियों की भारी भीड़ ने प्रबंधन के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
🤖 AI तकनीक से खत्म हुईं लंबी कतारें
TTD ने तिरुमाला में भारत का पहला AI-पावर्ड इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया है।
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रियल-टाइम मॉनिटरिंग: 6,000 से अधिक AI कैमरों और 3D मैपिंग के जरिए भीड़ का विश्लेषण किया जाता है। यदि किसी क्षेत्र में 500 से अधिक लोग जमा होते हैं, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजता है।
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चेहरा पहचान प्रणाली (Facial Recognition): कतारों में पारदर्शिता और सुरक्षा के लिए 42 से अधिक हाई-टेक कैमरों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे लापता व्यक्तियों को खोजने और सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।
💰 हुंडी आय और वित्तीय पारदर्शिता
श्रद्धालुओं की अटूट आस्था मंदिर की हुंडी (दान पेटी) में भी दिखाई दी।
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वार्षिक आय: वर्ष 2025-26 में कुल हुंडी आय ₹1,420 करोड़ के पार निकल गई।
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मासिक औसत: खास बात यह रही कि लगातार 6 महीनों तक हर महीने ₹120 करोड़ से अधिक का दान प्राप्त हुआ।
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आवास सुधार: दलालों और बिचौलियों पर नकेल कसते हुए TTD ने आवास आवंटन को दर्शन टिकट से अनिवार्य रूप से जोड़ दिया, जिससे आवास से होने वाली आय ₹133 करोड़ से बढ़कर ₹141 करोड़ हो गई।
लड्डू और अन्नप्रसादम: स्वाद और सेवा का नया स्तर
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लड्डू की बिक्री में 12.68% वृद्धि: 2024-25 में जहाँ 12.49 करोड़ लड्डू बिके थे, वहीं 2025-26 में यह संख्या 13.95 करोड़ तक पहुँच गई। अब लड्डुओं के कच्चे माल की ग्रेडिंग के लिए AI तकनीक का उपयोग हो रहा है, जिससे स्वाद और गुणवत्ता में सुधार आया है।
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अन्नप्रसादम सेवा: ‘मातृश्री तारिगोंडा वेंगमम्बा अन्नप्रसादम कॉम्प्लेक्स’ में भोजन करने वालों की संख्या बढ़कर 2.85 लाख प्रतिदिन हो गई है, जो 2023-24 में केवल 1.87 लाख थी।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
| विवरण | वर्ष 2024-25 | वर्ष 2025-26 | वृद्धि (%) |
| प्रतिदिन औसत श्रद्धालु | 70,000 | 73,000 | 4.57% |
| लड्डू प्रसाद की बिक्री | 12.49 करोड़ | 13.95 करोड़ | 12.68% |
| अन्नप्रसादम लाभार्थी | 2.21 लाख/दिन | 2.85 लाख/दिन | 28.9% |
| आवास राजस्व | ₹133 करोड़ | ₹141 करोड़ | 6.01% |
निष्कर्ष: TTD का यह नया ‘डिजिटल और स्मार्ट प्रबंधन’ मॉडल दुनिया भर के बड़े धार्मिक स्थलों के लिए एक मिसाल बन गया है। तकनीक के समावेश ने न केवल दर्शन को आसान बनाया है, बल्कि आम भक्त की मंदिर प्रशासन में विश्वसनीयता को भी बढ़ाया है।
Matribhumisamachar


