गुजरात जायंट्स बनाम मुंबई इंडियंस: आयुषी सोनी का ऐतिहासिक फैसला और मैच का रोमांच
नई दिल्ली. विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 के सीजन में 13 जनवरी को एक ऐतिहासिक और दुर्लभ घटना देखने को मिली। गुजरात जायंट्स और मुंबई इंडियंस के बीच खेले गए मुकाबले में आयुषी सोनी WPL के इतिहास में ‘रिटायर्ड आउट’ होने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं।
आयुषी सोनी: WPL में ‘रिटायर्ड आउट’ का ऐतिहासिक अध्याय
1. घटना की पृष्ठभूमि (मैच विवरण)
यह घटना 13 जनवरी, 2026 को नवी मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्पोर्ट्स अकादमी में गुजरात जायंट्स (GG) और मुंबई इंडियंस (MI) के बीच मैच के दौरान हुई। आयुषी सोनी अपना WPL डेब्यू कर रही थीं। उन्हें चोटिल अनुष्का शर्मा की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया था।
2. क्यों लिया गया यह फैसला?
गुजरात जायंट्स की पारी के दौरान जब आयुषी बल्लेबाजी के लिए उतरीं, तो वह रन बनाने के लिए संघर्ष कर रही थीं।
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बल्लेबाजी का प्रदर्शन: उन्होंने 14 गेंदों का सामना किया और केवल 11 रन बनाए।
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रणनीतिक कदम: मैच के 16वें ओवर की समाप्ति तक गुजरात का स्कोर 135/4 था। अंतिम ओवरों में रनों की गति तेज करने की जरूरत थी।
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फैसला: टीम मैनेजमेंट ने एक बड़ा जोखिम लेते हुए आयुषी को वापस बुलाने का फैसला किया ताकि विस्फोटक बल्लेबाज भारती फुलमाली को क्रीज पर भेजा जा सके। क्रिकेट की भाषा में इसे ‘रिटायर्ड आउट’ कहा जाता है।
3. ‘रिटायर्ड आउट’ क्या है?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, यदि कोई बल्लेबाज अंपायर या विपक्षी कप्तान की अनुमति के बिना अपनी पारी बीच में ही छोड़ देता है और वह बीमार या घायल नहीं है, तो उसे ‘रिटायर्ड आउट’ माना जाता है। वह खिलाड़ी उस पारी में दोबारा बल्लेबाजी करने नहीं आ सकता।
4. टीम के लिए फैसले का परिणाम
गुजरात जायंट्स का यह रणनीतिक दांव पूरी तरह सफल रहा:
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आयुषी की जगह आईं भारती फुलमाली ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मात्र 15 गेंदों में नाबाद 36 रन (3 चौके, 3 छक्के) कूट दिए।
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उनकी इस पारी की बदौलत गुजरात ने 20 ओवर में 192/5 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।
आयुषी सोनी का करियर प्रोफाइल
| विवरण | जानकारी |
| जन्म | 30 सितंबर, 2000 (दिल्ली) |
| भूमिका | ऑलराउंडर (दाएं हाथ की बल्लेबाज और मध्यम तेज गेंदबाज) |
| घरेलू टीम | दिल्ली |
| WPL टीम | गुजरात जायंट्स (30 लाख रुपये में खरीदी गईं) |
| अंतरराष्ट्रीय डेब्यू | 2021 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ (T20I) |
आयुषी सोनी का नाम अब WPL के रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए दर्ज हो गया है। हालांकि यह एक ‘अनचाहा’ रिकॉर्ड लग सकता है, लेकिन आधुनिक टी20 क्रिकेट में ‘रिटायर्ड आउट’ को अब एक नकारात्मक कदम के बजाय एक चतुर रणनीतिक हथियार के रूप में देखा जाता है। इससे पहले आईपीएल में रविचंद्रन अश्विन भी ऐसा कर चुके हैं।
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