तेहरान. मध्य-पूर्व (Middle East) इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है। अमेरिका और ईरान के बीच दशकों से चला आ रहा तनाव अब एक सीधे और भीषण सैन्य संघर्ष में बदलता दिख रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को पंगु बनाने के लिए ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का आगाज़ कर दिया है, जिससे वैश्विक राजनीति और तेल बाज़ार में हड़कंप मच गया है।
1. ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों पर ‘B-2 स्पिरिट’ का प्रहार
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि दुनिया के सबसे घातक माने जाने वाले B-2 Spirit Stealth Bombers ने ईरान के भीतर घुसकर रणनीतिक ठिकानों पर हमले किए हैं।
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निशाने पर क्या था? अमेरिकी विमानों ने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन केंद्रों और नौसैनिक अड्डों को निशाना बनाया है।
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विशेषता: B-2 बमवर्षक रडार की पकड़ में नहीं आते और ये ईरान के गहरे भूमिगत बंकरों (Bunkers) को तबाह करने की क्षमता रखते हैं।
2. 2,500 अमेरिकी मरीन और घातक युद्धपोतों की तैनाती
फारस की खाड़ी में ऊर्जा ढांचे और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी को कई गुना बढ़ा दिया है।
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जापान से बुलाई गई यूनिट: आमतौर पर जापान में तैनात रहने वाली 31st Marine Expeditionary Unit के लगभग 2,500 सैनिकों को युद्ध क्षेत्र में उतारा गया है।
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नौसैनिक बेड़ा: USS Tripoli के नेतृत्व में तीन शक्तिशाली एम्फीबियस युद्धपोत ईरान के तटों के करीब तैनात किए गए हैं, जो किसी भी जमीनी कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
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3. तेहरान में भीषण विस्फोट: हजारों की भीड़ के बीच मची तबाही
ईरान की राजधानी तेहरान में स्थिति उस समय बेकाबू हो गई जब ‘कुद्स दिवस’ (Quds Day) के मौके पर आयोजित एक विशाल रैली में जोरदार धमाका हुआ।
चश्मदीदों के अनुसार: “वहाँ हजारों लोग अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे, तभी चौक पर एक बड़ा धमाका हुआ।” इस विस्फोट ने ईरान की आंतरिक सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
4. मौतों का बढ़ता आंकड़ा और मानवीय संकट
इस त्रिकोणीय संघर्ष (अमेरिका-ईरान-इजरायल) ने पूरे क्षेत्र को श्मशान में बदल दिया है:
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लेबनान: इजरायली हमलों में अब तक 773 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें 100 से ज्यादा मासूम बच्चे शामिल हैं।
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ईरान: ईरानी अधिकारियों का दावा है कि अमेरिकी और इजरायली कार्रवाइयों में 1,300 से अधिक लोग मारे गए हैं।
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इजरायल: इजरायल ने अपने यहाँ 12 नागरिकों की मौत की पुष्टि की है।
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5. अमेरिका को भी लगा बड़ा झटका: विमान दुर्घटना में 6 सैनिकों की मौत
युद्ध के इस माहौल के बीच अमेरिका के लिए एक दुखद खबर पश्चिमी इराक से आई। यहाँ अमेरिकी वायुसेना का एक KC-135 Stratotanker (ईंधन भरने वाला विमान) दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में चालक दल के 6 सदस्यों की मौत हो गई। इसके साथ ही ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में अब तक जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है।
6. क्या होगा दुनिया पर असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव कम नहीं हुआ, तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ेगा। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के बंद होने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत समेत पूरी दुनिया में महंगाई का नया दौर शुरू हो सकता है।
फिलहाल, पूरा विश्व इस बात पर नजर गड़ाए हुए है कि क्या ईरान इस हमले का बदला लेने के लिए इजरायल या अमेरिकी ठिकानों पर सीधे मिसाइल हमला करेगा।
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