नई दिल्ली. भारतीय पंचांग के अनुसार, 15 मार्च 2026, रविवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से एक दुर्लभ घटना का गवाह बनने जा रहा है। इस दिन न केवल पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा, बल्कि सूर्य देव का राशि परिवर्तन यानी मीन संक्रांति भी होगी। इसके साथ ही, द्विपुष्कर राजयोग की उपस्थिति इस दिन के महत्व को कई गुना बढ़ा रही है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जब एकादशी और संक्रांति का मेल होता है, तो दान और स्नान का फल अनंत गुना हो जाता है। आइए जानते हैं इस दिन के शुभ मुहूर्त, ग्रहों की चाल और आपकी राशि पर होने वाले प्रभावों का विस्तृत विवरण।
व्रत कथा के लिए: पापमोचनी एकादशी की पौराणिक व्रत कथा और महत्व
शुभ मुहूर्त और ग्रह स्थिति
15 मार्च 2026 को सूर्य रात 01 बजकर 09 मिनट पर कुंभ राशि से निकलकर बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करेंगे।
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पापमोचनी एकादशी तिथि: 14 मार्च को दोपहर से शुरू होकर 15 मार्च की शाम तक।
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द्विपुष्कर योग: इस योग में किया गया कोई भी शुभ कार्य या निवेश दोगुना फल देता है।
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मीन संक्रांति: सूर्य का जल तत्व की राशि में जाना भावनात्मक शुद्धिकरण और परोपकार का समय है।
खरमास की जानकारी: मीन संक्रांति 2026: क्या है खरमास और क्यों वर्जित होते हैं मांगलिक कार्य?
12 राशियों का विस्तृत भविष्यफल (Horoscope 2026)
1. मेष (Aries)
कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। हालांकि काम का बोझ (Workload) बढ़ सकता है, लेकिन आपका आत्मविश्वास आपको सफलता दिलाएगा। मेहनत का मीठा फल मिलने का समय है।
2. वृषभ (Taurus)
करियर में मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आध्यात्मिक यात्राओं के योग बन रहे हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी, लेकिन शाम तक मानसिक शांति महसूस करेंगे।
3. मिथुन (Gemini)
सीखने की प्रक्रिया में तेजी आएगी। व्यापार में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन आपकी बुद्धि और कौशल से आप उनसे बाहर निकल आएंगे।
4. कर्क (Cancer)
पारिवारिक जिम्मेदारियां केंद्र में रहेंगी। घरेलू कार्यों के लिए आपको यात्रा करनी पड़ सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
5. सिंह (Leo)
आपकी नेतृत्व क्षमता और वाणी का प्रभाव बढ़ेगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आत्मविश्वास को अहंकार में न बदलने दें।
6. कन्या (Virgo)
यह समय आत्म-चिंतन का है। कामकाज में व्यस्तता रहेगी, लेकिन सेहत के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है। बाहर के खानपान से बचें।
7. तुला (Libra)
घर में मांगलिक कार्यों की रूपरेखा बनेगी। प्रेम संबंधों के लिए समय अनुकूल है। छोटी दूरी की यात्रा लाभकारी सिद्ध होगी।
8. वृश्चिक (Scorpio)
ग्रहों की स्थिति आपको भावुक बना सकती है। कार्यक्षेत्र में किसी भी बड़े निर्णय को लेने से पहले वरिष्ठों की सलाह जरूर लें। धैर्य ही आपकी शक्ति है।
9. धनु (Sagittarius)
आर्थिक मोर्चे पर बड़ा लाभ हो सकता है। पैतृक संपत्ति से जुड़े मामले हल होंगे। निवेश के लिए यह एक बेहतरीन समय है।
10. मकर (Capricorn)
चंद्रमा के आपकी राशि में गोचर करने से मन प्रसन्न रहेगा। रुके हुए सरकारी काम पूरे होंगे। समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।
11. कुंभ (Aquarius)
रिश्तों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर होगा। सामाजिक कार्यों में आपकी सक्रियता बढ़ेगी।
12. मीन (Pisces)
सूर्य का आपकी ही राशि में प्रवेश आपके व्यक्तित्व में चमक लाएगा। करियर में बड़े बदलाव और नई शुरुआत के संकेत हैं। यह आपके लिए ‘स्वर्ण काल’ की शुरुआत हो सकती है।
दान का महत्व: द्विपुष्कर योग में दान करने के अद्भुत लाभ
पापमोचनी एकादशी पर क्या करें और क्या न करें?
क्या करें: > * सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें।
पीले वस्त्र, पीले फूल और चने की दाल का दान करें।
द्विपुष्कर योग में धार्मिक पुस्तकों का दान करना अत्यंत शुभ है।
क्या न करें: > * इस दिन चावल खाने से परहेज करना चाहिए।
किसी की बुराई या क्रोध करने से बचें, क्योंकि यह पापों से मुक्ति का दिन है।
मीन संक्रांति का प्रभाव (खरमास की शुरुआत)
सूर्य के मीन राशि में प्रवेश के साथ ही खरमास शुरू हो जाएगा। इसके बाद अगले एक महीने तक विवाह, गृह प्रवेश और मुंडन जैसे मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। यह समय केवल भक्ति और दान के लिए समर्पित होता है।
अधिक जानकारी के लिए आप ज्योतिषाचार्य श्याम जी शुक्ल (मो. : 8808797111) से संपर्क कर सकते हैं.
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