नई दिल्ली. वर्ष 2026 का मार्च महीना आध्यात्मिक और खगोलीय घटनाओं के लिहाज से अत्यंत दुर्लभ होने जा रहा है। 3 मार्च 2026 को साल का पहला खग्रास (पूर्ण) चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। विशेष बात यह है कि इसी दिन फाल्गुन पूर्णिमा और होलिका दहन का महापर्व भी मनाया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, ऐसा संयोग कई दशकों में एक बार बनता है जब ग्रहण की छाया और पर्व का उल्लास एक साथ हो।
यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा, जिसका व्यापक प्रभाव न केवल प्रकृति पर, बल्कि सभी 12 राशियों के जातकों पर भी पड़ेगा।
⏰ चंद्र ग्रहण 2026: समय और सूतक काल की गणना
भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार, ग्रहण की अवधि दोपहर से लेकर शाम तक रहेगी। चूँकि यह एक पूर्ण चंद्र ग्रहण है, इसलिए इसका सूतक काल बेहद प्रभावी माना जाएगा।
-
ग्रहण का आरंभ (स्पर्श): दोपहर 02:14 बजे
-
ग्रहण का मध्य: शाम 04:30 बजे
-
ग्रहण की समाप्ति (मोक्ष): शाम 06:47 बजे
-
सूतक काल का समय: ग्रहण शुरू होने से ठीक 9 घंटे पहले, यानी सुबह 05:14 बजे से सूतक काल प्रारंभ हो जाएगा।
महत्वपूर्ण: सूतक काल के दौरान मंदिरों के कपाट बंद रहेंगे और किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित होंगे। इस समय में केवल मानसिक जाप और ध्यान का विधान है।
🔥 होलिका दहन और ग्रहण का टकराव: क्या करें?
इस वर्ष होलिका दहन और चंद्र ग्रहण एक ही दिन होने के कारण ‘भद्रा’ और ‘सूतक’ का विचार करना अनिवार्य है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के सूतक काल में अग्नि प्रज्वलित करना शुभ नहीं माना जाता।
शुभ मुहूर्त और सावधानी:
विद्वानों का मत है कि होलिका दहन ग्रहण के मोक्ष (शाम 06:47) के बाद, शुद्धिकरण और स्नान के पश्चात ही किया जाना चाहिए। प्रदोष काल में ग्रहण की समाप्ति के बाद होलिका पूजन करना समाज और राष्ट्र के लिए कल्याणकारी रहेगा।
🔮 3 मार्च 2026 का विस्तृत राशिफल (सभी 12 राशियाँ)
यह ग्रहण सिंह राशि में लग रहा है, जिसके स्वामी सूर्य हैं। आइए जानते हैं इसका आपकी राशि पर असर:
| राशि | प्रभाव | विशेष सलाह |
| मेष (Aries) | सकारात्मक | व्यापार में नए अनुबंध मिल सकते हैं। आय के स्रोत बढ़ेंगे। |
| वृषभ (Taurus) | व्यस्तता | काम की अधिकता रहेगी। वाणी पर संयम रखें, विवादों से बचें। |
| मिथुन (Gemini) | मान-प्रतिष्ठा | समाज में सम्मान बढ़ेगा, लेकिन मानसिक तनाव भी रह सकता है। |
| कर्क (Cancer) | भावनात्मक | चंद्रमा आपकी राशि का स्वामी है, इसलिए भावनाओं पर नियंत्रण रखें। |
| सिंह (Leo) | विशेष सावधानी | ग्रहण आपकी राशि में है। चोट-चपेट से बचें और अहंकार का त्याग करें। |
| कन्या (Virgo) | व्यय | बाहरी संपर्कों से लाभ होगा लेकिन फिजूलखर्ची बढ़ सकती है। |
| तुला (Libra) | पारिवारिक | पुराने विवाद सुलझेंगे। पैतृक संपत्ति से लाभ के योग हैं। |
| वृश्चिक (Scorpio) | सतर्कता | गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। निवेश करने से पहले सलाह लें। |
| धनु (Sagittarius) | अनुकूल | भाग्य का साथ मिलेगा। अटके हुए काम पूरे होंगे। |
| मकर (Capricorn) | मिश्रित | पारिवारिक कलह से बचें। धैर्य से काम लेना लाभदायक होगा। |
| कुंभ (Aquarius) | साझेदारी | वैवाहिक जीवन और पार्टनरशिप में अनबन संभव है। शांत रहें। |
| मीन (Pisces) | स्वास्थ्य | सेहत को लेकर लापरवाही न बरतें। योग और प्राणायाम करें। |
🛠️ ग्रहण के दौरान और बाद में क्या करें? (उपाय)
खगोलीय ऊर्जा के नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए शास्त्रों में कुछ विशेष नियम बताए गए हैं:
-
गर्भवती महिलाएं: ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें और नुकीली वस्तुओं (कैंची, सुई) का प्रयोग न करें।
-
तुलसी का प्रयोग: सूतक काल शुरू होने से पहले ही खाने-पीने की वस्तुओं (दूध, दही, पानी) में तुलसी के पत्ते या ‘कुश’ डाल दें।
-
दान का महत्व: ग्रहण समाप्त होने के बाद सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी, दूध और चांदी का दान करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
-
स्नान: ग्रहण मोक्ष के बाद पवित्र नदियों या घर में गंगाजल डालकर स्नान अवश्य करें।
📢 ज्योतिषीय निष्कर्ष
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि फाल्गुन पूर्णिमा पर इस ग्रहण का होना प्राकृतिक आपदाओं और राजनीतिक उथल-पुथल का संकेत हो सकता है। हालांकि, होलिका दहन की अग्नि नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट करने की शक्ति रखती है। अतः संयम और मंत्र जाप इस दिन के दुष्प्रभाव को कम करने का सबसे उत्तम मार्ग है।
अधिक जानकारी के लिए आप ज्योतिषाचार्य श्याम जी शुक्ल (मो. : 8808797111) से संपर्क कर सकते हैं.
देश-दुनिया की ताजा खबरों और ज्योतिषीय विश्लेषण के लिए यहाँ क्लिक करें।
Matribhumisamachar


