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PoJK में 15 जुलाई को बड़ा ‘लॉन्ग मार्च’: मुजफ्फराबाद में तनाव चरम पर, जानें संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मांगें

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15 जुलाई के लॉन्ग मार्च को रोकने के लिए मुजफ्फराबाद में तैनात पाकिस्तान पुलिस और रेंजर्स के जवान।

मुजफ्फराबाद । मंगलवार, 14 जुलाई 2026

पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में पिछले कई हफ्तों से सुलग रहा जनआंदोलन अब अपने सबसे संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा 15 जुलाई 2026 को प्रस्तावित “लॉन्ग मार्च” को लेकर पूरे मुजफ्फराबाद, रावलाकोट और कोटली में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। स्थानीय लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं, वहीं पाकिस्तान प्रशासन ने भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस और रेंजर्स की तैनाती कर दी है, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।

आर्थिक तंगी से शुरू हुआ आंदोलन अब बना राजनीतिक चुनौती

यह आंदोलन शुरुआती दिनों में बिजली की आसमान छूती दरों, आटे की किल्लत और लगातार बढ़ती महंगाई जैसी बुनियादी आर्थिक मांगों के साथ शुरू हुआ था। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि PoJK का क्षेत्र बड़े जलविद्युत (Hydroelectric) संसाधनों से समृद्ध है, लेकिन इसके बावजूद स्थानीय नागरिकों को बेहद महंगी दरों पर बिजली बेची जा रही है।

समय के साथ यह गुस्सा प्रशासनिक और राजनीतिक अधिकारों की मांग में बदल गया। अब प्रदर्शनकारी प्रशासनिक सुधारों, बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व और सरकार के साथ पूर्व में हुए समझौतों को पूरी तरह लागू करने की मांग कर रहे हैं।

13 जुलाई को क्या हुआ और वर्तमान स्थिति क्या है?

13 जुलाई को मुजफ्फराबाद, रावलाकोट और कोटली के मुख्य बाजारों में सामान्य जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह रैलियां और छोटी सभाएं आयोजित कीं। आंदोलनकारी अपने गिरफ्तार नेताओं की तुरंत रिहाई और सरकार के साथ सीधी वार्ता की मांग पर अड़े हुए हैं। 14 जुलाई की सुबह तक मिली जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा बलों ने कई मुख्य मार्गों पर नाकेबंदी कर दी है ताकि 15 जुलाई के मार्च को मुजफ्फराबाद में दाखिल होने से रोका जा सके।

संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मुख्य मांगें

JAAC ने प्रशासन के सामने अपना 38 सूत्रीय मांगपत्र रखा है, जिनमें से प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं:

  1. सस्ती बिजली: स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाली जलविद्युत के आधार पर स्थानीय लोगों को रियायती दरों पर बिजली दी जाए।

  2. सब्सिडी: आटा, दाल और अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं पर सरकारी सब्सिडी बहाल की जाए।

  3. नेताओं की रिहाई: आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं को बिना शर्त रिहा किया जाए।

  4. प्रतिबंधों का खात्मा: क्षेत्र में लगाए गए कथित आर्थिक और इंटरनेट/संचार संबंधी प्रतिबंधों को तुरंत हटाया जाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. PoJK में 15 जुलाई को क्या होने वाला है?

Ans: संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सरकार पर अपनी मांगें पूरी करने का दबाव बनाने के लिए 15 जुलाई 2026 को मुजफ्फराबाद की ओर एक विशाल “लॉन्ग मार्च” निकालने की घोषणा की है।

Q2. संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) की मुख्य मांग क्या है?

Ans: JAAC की मुख्य मांगों में स्थानीय संसाधनों के आधार पर सस्ती बिजली देना, आटे जैसी आवश्यक वस्तुओं पर सब्सिडी देना और गिरफ्तार स्थानीय नेताओं की रिहाई शामिल है।

Q3. प्रशासन ने सुरक्षा के क्या इंतजाम किए हैं?

Ans: मुजफ्फराबाद, कोटली और रावलाकोट जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बल (रेंजर्स) तैनात किए गए हैं। इसके अलावा कई मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और घटनाक्रमों पर आधारित है। इस क्षेत्र में संचार प्रतिबंधों के कारण वास्तविक समय की जमीनी स्थितियों में बदलाव हो सकता है। यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है।

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