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CAG रिपोर्ट का खुलासा: 8 रेलवे स्टेशनों के पीने के पानी में मिला E. coli, 89% स्टेशन बुनियादी यात्री सुविधाओं में फेल

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रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर पीने के पानी के नल की जांच करता यात्री (CAG रिपोर्ट)
नई दिल्ली । रविवार, 16 अगस्त 2026
भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले करोड़ों यात्रियों के स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कराए जाने वाले पेयजल और यात्री सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक पाई गई है।
8 प्रमुख स्टेशनों के वाटर कूलर में घातक E. coli
CAG द्वारा की गई जांच के अनुसार, 8 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर वाटर कूलर के नमूनों में E. coli (ई. कोलाई) बैक्टीरिया पाया गया है:
  • दक्षिण रेलवे: कोयंबटूर और पालक्काड जंक्शन
  • दक्षिण मध्य रेलवे: हैदराबाद
  • मध्य रेलवे: छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT), भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला
  • पूर्व रेलवे: मधुपुर
E. coli की उपस्थिति जल में मल-जनित (fecal) संदूषण का संकेत देती है, जिससे डायरिया, पेट में मरोड़ और गंभीर संक्रमण हो सकता है।
न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं (MEA) की स्थिति
ऑडिट किए गए 512 गैर-उपनगरीय (non-suburban) स्टेशनों में से 458 स्टेशन (89% से अधिक) रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित Minimum Essential Amenities के मानकों पर खरे नहीं उतरे।
सुविधा प्रकार कमी वाले स्टेशनों की संख्या
पेयजल नल (Drinking Water Taps) 2,035 स्टेशन
यूरिनल (Urinals) 403 स्टेशन
लैट्रिन/शौचालय (Toilets) 201 स्टेशन
नई दिल्ली, हावड़ा, सियालदह, CSMT और मुंबई सेंट्रल जैसे प्रमुख NSG-1 श्रेणी के स्टेशनों पर भी बैठने की पर्याप्त जगह, स्वच्छता, डस्टबिन और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड जैसी मूलभूत सुविधाओं में भारी कमियां पाई गईं।
जल परीक्षण और निगरानी में लापरवाही
  • Residual Chlorine टेस्ट: 13 रेलवे जोन के 78 स्टेशनों पर क्लोरीन की जांच नियमित रूप से नहीं पाई गई।
  • Bacteriological Testing: 59 स्टेशनों पर पानी की बैक्टीरिया संबंधी जांच ही नहीं कराई गई।
  • Total Coliform Bacteria: 2022-23 में 49 स्टेशनों और 2023-24 में 56 स्टेशनों के नल के पानी के नमूनों में कोलीफॉर्म बैक्टीरिया दर्ज किया गया।
CAG के मुख्य सुधार सुझाव
  1. Comprehensive Water Testing: सभी स्टेशनों के जल आपूर्ति तंत्र का नियमित Bacteriological और Residual Chlorine परीक्षण सुनिश्चित किया जाए।
  2. टाइमलाइन आधारित कार्रवाई: स्टेशन-वार कमियों की पहचान कर एक निश्चित समयसीमा के भीतर सुधार लागू किया जाए।
  3. सख्त निगरानी: कचरा प्रबंधन और सफाई ठेकेदारों के काम की सख्त ट्रैकिंग हो।
Frequently Asked Questions (FAQ)
Q1: CAG ऑडिट रिपोर्ट में किन स्टेशनों के पानी में E. coli मिला है?
CSMT, कल्याण, लोनावला, भिवंडी रोड, कोयंबटूर, पालक्काड, हैदराबाद और मधुपुर स्टेशनों के वाटर कूलर में E. coli पाया गया।
Q2: E. coli युक्त पानी पीने से क्या स्वास्थ्य जोखिम हैं?
E. coli बैक्टीरिया युक्त पानी पीने से पेट दर्द, दस्त, उल्टी और पेट का गंभीर संक्रमण हो सकता है।
Q3: रेलवे स्टेशनों पर Minimum Essential Amenities (MEA) क्या हैं?
रेलवे बोर्ड के अनुसार स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बैठने के बेंच, शेल्टर, पंखे, फुट ओवरब्रिज, डस्टबिन और अनाउंसमेंट सिस्टम MEA के अंतर्गत आते हैं।
Disclaimer
यह समाचार लेख हालिया CAG ऑडिट रिपोर्ट के प्रकाशित आंकड़ों पर आधारित है। इसका उद्देश्य आम जनता को सार्वजनिक सुविधाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करना है।
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