बरेली. जिले में स्थित शत्रु संपत्तियों के प्रबंधन और उनके कानूनी हस्तांतरण की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) और प्रभारी अधिकारी शत्रु संपत्ति, सौरभ दुबे ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और कड़े निर्देश जारी किए।
220 में से 177 संपत्तियों के वेस्टिंग ऑर्डर प्राप्त
जिले में कुल 220 शत्रु संपत्तियां चिह्नित हैं, जिनमें से 177 के वेस्टिंग ऑर्डर प्राप्त हो चुके हैं। प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार, अब तक 135 संपत्तियों का अमल दरामद भारत सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक (मुंबई) के नाम दर्ज किया जा चुका है।
प्रमुख आंकड़े और वर्तमान स्थिति:
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कुल संपत्तियां: 220
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अमल दरामद पूर्ण: 135
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डीवीसी (DVC) संपन्न: 114
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लंबित डीवीसी: 106
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लंबित नामांतरण (Mutation): 85
15 दिन की समयसीमा तय
बैठक में मौजूद शत्रु संपत्ति कार्यालय लखनऊ के पर्यवेक्षक सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 85 संपत्तियों के डिमांड वेस्टिंग दस्तावेज नगर निगम और संबंधित तहसीलदारों (सदर, आंवला, बहेड़ी) को भेज दिए गए हैं। एडीएम सिटी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि न्यायालय में लंबित मामलों को छोड़कर, अन्य सभी संपत्तियों का नामांतरण 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाए।
सार्वजनिक स्थलों का होगा पुनर्मूल्यांकन
तहसील आंवला से प्राप्त रिपोर्ट में 13 ऐसी संपत्तियां मिली हैं, जहाँ वर्तमान में स्कूल, मंदिर, पुलिस थाना और नलकूप संचालित हैं। इसके लिए मूल्यांकन समिति को निर्देशित किया गया है कि इन सार्वजनिक उपयोग वाले हिस्सों को छोड़कर, शेष भाग का पुनर्मूल्यांकन कर निर्धारित प्रारूप पर डीवीसी की कार्यवाही करें।
विधिक सुधार के निर्देश
बहेड़ी तहसील में 7 संपत्तियों के वेस्टिंग ऑर्डर न मिलने के कारण प्रक्रिया रुकी हुई है। वहीं, नायब तहसीलदार को निर्देशित किया गया कि वे उपजिलाधिकारी आंवला के न्यायालय में पुनर्स्थापन प्रार्थना पत्र देकर 15 दिन के भीतर शत्रु संपत्ति के अंश (Share) में सुधार करवाएं, ताकि आगे की कार्यवाही निर्बाध रूप से चल सके।
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