सुल्तानपुर । बुधवार, 17 जून 2026
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के कूरेभार कस्बे से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। यहाँ एक किराए के मकान में एक नाबालिग हिंदू युवती के साथ एक मुस्लिम युवक के पाए जाने के बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय हिंदू संगठनों की सूचना पर मुस्तैद हुई कूरेभार पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया। प्राथमिक जांच के बाद यह मामला सीमावर्ती जिले अयोध्या के इनायतनगर थाना क्षेत्र से संबंधित पाया गया, जिसके बाद अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए आरोपियों को अयोध्या पुलिस को सौंप दिया गया है।
हिंदू संगठनों की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कूरेभार कस्बे के एक रिहायशी इलाके में स्थित किराए के मकान में पिछले कुछ समय से संदिग्ध गतिविधियां देखी जा रही थीं। इसकी भनक जब स्थानीय हिंदू संगठन के पदाधिकारियों को लगी, तो उन्होंने अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। मामले की संवेदनशीलता और युवक-युवती के अलग-अलग समुदायों से जुड़े होने के कारण, संगठनों ने कानून को हाथ में न लेते हुए तत्काल स्थानीय कूरेभार पुलिस को सूचित किया।
सूचना मिलते ही कूरेभार थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कमरे से युवक शकील और नाबालिग युवती को अपनी अभिरक्षा (हिरासत) में ले लिया।
इनायतनगर (अयोध्या) से जुड़ा है पूरा मामला
कूरेभार थाना प्रभारी उपेंद्र सिंह ने बताया कि जब हिरासत में लिए गए युवक और नाबालिग लड़की से शुरुआती पूछताछ की गई, तो पता चला कि लड़की की गुमशुदगी या अपहरण से जुड़ा असल मामला अयोध्या जनपद के इनायतनगर थाना क्षेत्र का है। क्षेत्राधिकार का मामला होने के कारण कूरेभार पुलिस ने तत्काल इसकी सूचना इनायतनगर थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह को दी।
अयोध्या पुलिस भी मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत सक्रिय हुई। प्रभारी निरीक्षक राजेश सिंह अपनी टीम के साथ कूरेभार पहुँचे और दोनों को अपने साथ ले गए।
संभावित सुधार और पुलिसिया कानूनी कार्रवाई (पॉक्सो एक्ट के तहत)
इस पूरे मामले में पुलिस अधिकारियों ने साफ किया है कि लड़की नाबालिग (Minor) है, जिस कारण सहमति का कानूनन कोई औचित्य नहीं रह जाता। सीओ बल्दीराय आशुतोष कुमार ने मीडिया को बताया कि:
“कूरेभार क्षेत्र में इनायतनगर, अयोध्या की एक नाबालिग लड़की के एक भिन्न समुदाय के लड़के के साथ रहने की गोपनीय सूचना मिली थी। चूंकि लड़की नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है। इनायतनगर पुलिस द्वारा दोनों को अग्रिम विधिक कार्रवाई के लिए ले जाया गया है।”
इनायतनगर पुलिस के अनुसार, विभिन्न समुदायों से जुड़े होने और लड़की के नाबालिग होने के कारण मामले में अपहरण, बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) जैसी गंभीर और प्रासंगिक धाराओं के तहत अभियोग (FIR) पंजीकृत कर लिया गया है। लड़की का मेडिकल परीक्षण और न्यायालय के समक्ष 164 के तहत बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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