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अयोध्या राम मंदिर दान विवाद: साधु-संतों की सीबीआई जांच की मांग और दिल्ली मार्च की पूरी जानकारी

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लखनऊ । मंगलवार, 11 अगस्त 2026

अयोध्या स्थित भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए जाने वाले दान एवं चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और चोरी के आरोपों को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र इस पावन धाम में दान पेटियों से नकदी, सोने-चांदी के आभूषणों तथा अन्य कीमती भेंटों में हेराफेरी के दावे सामने आने के बाद से ही धार्मिक व राजनीतिक हलकों में हलचल मची हुई है।

हाल ही में दिल्ली के मण्डी हाउस में लगभग 500 साधु-संत, महंत और महामंडलेश्वर एकत्र हुए और उन्होंने प्रधानमंत्री आवास की ओर विरोध मार्च निकालने की कोशिश की। संतों का स्पष्ट कहना है कि राम मंदिर में आने वाला पाई-पाई का चढ़ावा करोड़ों सनातन धर्मियों की भक्ति से जुड़ा है, इसलिए इसकी व्यवस्था और प्रबंधन में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए।

मामले की सीबीआई (CBI) जांच की मांग क्यों उठ रही है?

वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें नकदी की गिनती, सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, बैंक ट्रांजेक्शन और कर्मचारियों की भूमिका खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां करीब 50 से अधिक बैंक खातों और जमीन के सौदों की पड़ताल कर रही हैं।
हालांकि, साधु-संतों और विपक्षी नेताओं का तर्क है कि राज्य स्तरीय प्रशासनिक जांच केवल निचले स्तर के संविदा कर्मचारियों तक सीमित रह सकती है। मामले की गहराई, व्यापकता और इसमें शामिल संभावित बड़ी शक्तियों का पता लगाने के लिए सीबीआई (CBI) या सर्वोच्च न्यायालय के जज की निगरानी में स्वतंत्र जांच आवश्यक है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और श्रद्धालुओं की चिंताएं

इस संवेदनशील विषय को लेकर देश की राजनीति भी पूरी तरह गर्मा चुकी है:
  • संसद में हंगामा: संसद सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारों के साथ विरोध जताया और प्रधानमंत्री से सदन में इस पर जवाब देने की मांग रखी।
  • संघ और धार्मिक संगठनों का पक्ष: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विभिन्न संत समाजों ने भी इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए सख्त कानूनी कार्रवाई और व्यवस्था की शुचिता बनाए रखने की बात कही है।
  • शुद्धिकरण और नई सुरक्षा: मंदिर परिसर में घटना के बाद धार्मिक मर्यादा की पुनर्स्थापना के लिए शुद्धिकरण अनुष्ठान किए गए और सुरक्षा व्यवस्था को सख्त किया गया है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1: अयोध्या राम मंदिर दान विवाद क्या है?
उत्तर: यह विवाद मंदिर की दान पेटियों और चढ़ावे में जमा नकदी, सोने-चांदी के आभूषणों तथा अन्य सामग्रियों में कथित गबन व अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है।
Q2: संतों ने दिल्ली में प्रदर्शन क्यों किया?
उत्तर: साधु-संतों ने दान प्रबंधन में पूरी पारदर्शिता लाने और मामले की जांच राज्य एजेंसी के बजाय सीबीआई (CBI) से कराने की मांग को लेकर दिल्ली में मार्च निकाला।
Q3: इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
उत्तर: उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी (SIT) मामले की जांच कर रही है। कई संदिग्ध कर्मचारियों की गिरफ्तारियां हुई हैं तथा 50 से अधिक बैंक खातों और वित्तीय लेनदेन का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।

अस्वीकरण (Disclaimer)

यह लेख मीडिया रिपोर्ट्स, पुलिस जांच की जानकारियों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध बयानों पर आधारित है। मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल जांच के अधीन हैं और अंतिम निष्कर्ष निष्पक्ष न्यायिक व जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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