नई दिल्ली. उत्तर भारत में पारा लगातार गिर रहा है। ऐसे में खुद को बीमारियों से बचाने के लिए केवल गर्म कपड़े ही काफी नहीं हैं, बल्कि खान-पान में भी बदलाव जरूरी है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही मानते हैं कि मोरिंगा (सहजन) और बाजरा इस मौसम के लिए सबसे शक्तिशाली खाद्य पदार्थ हैं।
1. मोरिंगा सूप: 300 बीमारियों की एक दवा
मोरिंगा (Moringa) या सहजन की फलियों और पत्तियों में दूध से 17 गुना ज्यादा कैल्शियम और संतरे से 7 गुना ज्यादा विटामिन-C पाया जाता है।
-
इम्यूनिटी बूस्टर: इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स बच्चों और बुजुर्गों को बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम से बचाते हैं।
-
जोड़ों के दर्द में राहत: ठंड में अक्सर गठिया या जोड़ों का दर्द बढ़ जाता है। मोरिंगा की तासीर गर्म होती है और इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो सूजन और दर्द को कम करते हैं।
-
खून की कमी दूर करे: एनीमिया (खून की कमी) से जूझ रही महिलाओं के लिए मोरिंगा सूप आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है।
-
कैसे बनाएं: सहजन की फलियों को उबालकर उनका गूदा निकालें, इसमें अदरक, काली मिर्च और हल्का काला नमक डालकर सूप तैयार करें।
2. बाजरे की खिचड़ी: शरीर का ‘प्राकृतिक हीटर’
बाजरा एक मोटा अनाज (Millets) है, जिसे अब सरकार भी ‘श्री अन्न’ के रूप में प्रमोट कर रही है।
-
शरीर को रखे गर्म: बाजरे की तासीर बेहद गर्म होती है। यह शरीर के आंतरिक तापमान को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे बाहर की कड़ाके की ठंड कम महसूस होती है।
-
एनर्जी का पावरहाउस: इसमें जटिल कार्बोहाइड्रेट (Complex Carbs) होते हैं, जो धीरे-धीरे पचते हैं और आपको लंबे समय तक ऊर्जावान रखते हैं।
-
पाचन में सुधार: बाजरा फाइबर से भरपूर होता है। सर्दियों में होने वाली कब्ज की समस्या के लिए बाजरे की खिचड़ी एक रामबाण इलाज है।
-
हृदय के लिए अच्छा: इसमें मैग्नीशियम और पोटेशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो सर्दियों में ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है।
सेहत की थाली: सही तरीका
दोपहर के भोजन में बाजरे की खिचड़ी के साथ घर का बना सफेद मक्खन या शुद्ध घी और गुड़ का सेवन करें। वहीं शाम के समय या रात के खाने से पहले गरमा-गरम मोरिंगा सूप पिएं। यह कॉम्बिनेशन न केवल आपकी भूख मिटाएगा बल्कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी नई ताकत देगा।
Matribhumisamachar


