लखनऊ. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर की दूसरी वर्षगांठ को मुख्य उत्सव हिंदू पंचांग (तिथि) के अनुसार 31 दिसंबर 2025 को ही मना लिया है। चूंकि प्राण प्रतिष्ठा पौष शुक्ल द्वादशी को हुई थी, इसलिए ट्रस्ट हर साल इसी तिथि को ‘प्रतिष्ठा द्वादशी’ के रूप में मनाता है। हालांकि, 22 जनवरी की ऐतिहासिक तारीख होने के कारण इस दिन भी देशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अयोध्या सहित पूरे देश में तैयारियां युद्धस्तर पर चल रही हैं। अगले चार दिनों तक देश का कोना-कोना ‘राममय’ होने वाला है।
1. अयोध्या: 22 जनवरी को दिखेगा अद्भुत नजारा
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने इस दिन के लिए विशेष योजना बनाई है:
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भव्य सजावट: राम मंदिर परिसर और पूरी धर्मनगरी अयोध्या को लाखों क्विंटल फूलों और लाइटों से सजाने का काम शुरू हो गया है। 22 जनवरी को रामलला को विशेष पीतांबर वस्त्र पहनाए जाएंगे।
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अखंड कीर्तन: राम जन्मभूमि परिसर में 21 जनवरी की रात से ही ‘अखंड राम नाम संकीर्तन’ शुरू हो जाएगा जो 22 जनवरी की शाम तक चलेगा।
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की उम्मीद: देशभर से लाखों भक्तों के अयोध्या पहुँचने का अनुमान है। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और पार्किंग व दर्शन के लिए विशेष रूट मैप जारी किया है।
2. ‘राम उत्सव 2.0’: देशभर में क्या होगा खास?
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दीपोत्सव का आह्वान: विश्व हिंदू परिषद (VHP) और अन्य हिंदू संगठनों ने देशवासियों से अपील की है कि 22 जनवरी की शाम को अपने घरों और स्थानीय मंदिरों में 5 दीपक जलाकर ‘मिनी दिवाली’ मनाएं।
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सांस्कृतिक कार्यक्रम: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सरकारों ने विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों की घोषणा की है। स्कूलों और कॉलेजों में राम मंदिर के इतिहास और महत्व पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
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भंडारे और प्रभात फेरी: देश के विभिन्न शहरों में 22 जनवरी की सुबह ‘प्रभात फेरी’ निकाली जाएगी और दोपहर में विशाल भंडारों का आयोजन होगा।
3. डिजिटल सेलिब्रेशन
सोशल मीडिया पर #RamMandir2ndAnniversary और #AyodhyaDham जैसे हैशटैग अभी से ट्रेंड करने लगे हैं। अयोध्या से दर्शन के लिए लाइव स्ट्रीमिंग की भी तैयारी है ताकि जो भक्त अयोध्या नहीं पहुँच पा रहे, वे घर बैठे आरती में शामिल हो सकें।
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