कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर और उन्नाव (शुक्लागंज) सीमा पर स्थित राहुल सप्रू मैदान में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना घटी। केडीएमए (KDMA) लीग क्रिकेट मैच के दौरान अचानक हुए मधुमक्खियों के हमले में कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के वरिष्ठ अंपायर मानिक गुप्ता (65) की जान चली गई। 30 वर्षों से अंपायरिंग की दुनिया में सक्रिय मानिक गुप्ता के इस आकस्मिक निधन से स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों और खिलाड़ियों में शोक की लहर है।
🐝 मैच के बीच मौत बनकर टूटा मधुमक्खियों का झुंड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मुकाबला वाईएमसीसी (YMCC) और पैरामाउंट की टीमों के बीच चल रहा था। खेल अपने पूरे शबाब पर था, तभी अचानक मैदान के एक कोने से मधुमक्खियों का एक विशाल झुंड निकला और सीधे पिच की ओर बढ़ा।
बताया जा रहा है कि अंपायर मानिक गुप्ता और उनके साथी अंपायर जगदीश शर्मा सफेद कपड़ों में थे, जो मधुमक्खियों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गए। मधुमक्खियों ने करीब 10 मिनट तक मानिक गुप्ता को घेरे रखा और सैकड़ों डंक मारे। उम्र अधिक होने के कारण वे भाग नहीं सके और वहीं मैदान पर गिर पड़े।
🚑 अस्पताल दर अस्पताल भटकते रहे आयोजक
हमले के बाद पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू और आयोजन समिति के सदस्यों ने साहस दिखाते हुए उन्हें अपनी कार से तत्काल शुक्लागंज के दो-तीन निजी अस्पतालों में पहुँचाया, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए किसी ने उन्हें भर्ती नहीं किया। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में कानपुर के हैलट (LLR) अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल एक्सपर्ट की राय: जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार, मधुमक्खियों के डंक में मौजूद मेथानोइक एसिड रक्त में मिलकर ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को अचानक बढ़ा देता है, जिससे टाइप-1 हाइपर सेंसिटिविटी के कारण हार्ट अटैक की स्थिति बन सकती है।
🏏 मानिक गुप्ता: क्रिकेट को समर्पित 30 साल
अंपायर मानिक गुप्ता कानपुर के फीलखाना इलाके के निवासी थे। वे पिछले तीन दशकों से KCA के पैनल में थे और अपनी निष्पक्ष अंपायरिंग के लिए जाने जाते थे। उनके परिवार में चार बेटियाँ हैं, जिनमें से तीन की शादी हो चुकी है और सबसे छोटी बेटी अभी इंटरमीडिएट की छात्रा है। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह भागवत दास घाट पर किया जाएगा।
🏛️ प्रशासन की कार्रवाई और भविष्य के लिए निर्देश
इस दर्दनाक हादसे के बाद कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने गहरा दुख जताते हुए पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय प्रशासन ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
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प्रमुख निर्देश: भविष्य में मैच से पहले मैदान के आसपास मधुमक्खियों के छत्तों का निरीक्षण और आपातकालीन मेडिकल टीम की उपस्थिति अनिवार्य करने पर विचार किया जा रहा है।
💡 मधुमक्खी हमले से बचने के सुरक्षा टिप्स (Safety Measures):
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हल्के रंग के कपड़े: क्रिकेट में अक्सर सफेद कपड़े पहने जाते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में तुरंत जमीन पर लेट जाना बेहतर होता है।
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शांति बनाए रखें: मधुमक्खियों को देखकर हाथ-पैर मारने के बजाय चेहरा ढककर स्थिर हो जाएं।
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तेज गंध से बचें: परफ्यूम या पसीने की गंध भी इन्हें आकर्षित करती है।
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