तेहरान. पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ पर पहुँच गया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने आधिकारिक पुष्टि की है कि इजरायली हवाई हमले में ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब मारे गए हैं। यह घटना ईरान के लिए एक बड़ा रणनीतिक झटका मानी जा रही है, क्योंकि पिछले 48 घंटों में इजरायल ने ईरान के तीन सबसे शक्तिशाली अधिकारियों को निशाना बनाया है।
🔴 शीर्ष नेतृत्व का सफाया: इजरायल का ‘ऑपरेशन डीकैपिटेशन’
इजरायल ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने के लिए अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल के निशाने पर आए बड़े चेहरे इस प्रकार हैं:
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इस्माइल खतीब (खुफिया मंत्री): तेहरान में एक सटीक हमले में मारे गए।
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अली लारीजानी (शीर्ष सुरक्षा सलाहकार): पूर्व संसद अध्यक्ष और परमाणु वार्ताकार, जिनकी हाल ही में हत्या कर दी गई।
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गुलामरेजा सुलेमानी (बसीज फोर्स प्रमुख): ईरानी अर्धसैनिक बल के प्रमुख भी इजरायली हमलों का शिकार बने।
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आयतुल्लाह अली खामेनेई: अपुष्ट लेकिन गंभीर रिपोर्टों के अनुसार, फरवरी के अंत में हुए बड़े हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता को भी निशाना बनाया गया था।
🗣️ इजरायल का कड़ा रुख: “बिना अनुमति किसी को भी मारो”
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने स्पष्ट कर दिया है कि अब युद्ध के नियम बदल चुके हैं। उन्होंने कहा:
“ईरान को आने वाले समय में और भी बड़े झटके लगेंगे। हमने सेना को खुली छूट दी है कि वे किसी भी वरिष्ठ ईरानी अधिकारी को बिना अतिरिक्त मंजूरी के निशाना बना सकते हैं। अब कोई भी सुरक्षित नहीं है।”
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी संकेत दिया है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक ईरान का वर्तमान शासन पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाता।
🚀 ईरान का पलटवार: इजरायल पर ‘मिसाइलों की बारिश’
अपने नेताओं की मौत का बदला लेने के लिए ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इजरायल पर अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला शुरू किया है:
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प्रमुख शहर निशाने पर: तेल अवीव, हाइफा और बीरशेबा में लगातार सायरन गूंज रहे हैं। तेल अवीव के पास रामत गन में मिसाइल गिरने से कम से कम 2 लोगों की मौत और दर्जनों के घायल होने की खबर है।
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उन्नत हथियारों का प्रयोग: ईरान ने दावा किया है कि उसने खोर्रमशहर (Khorramshahr) और खेबर (Kheibar) जैसी नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया है, जो कई वारहेड्स ले जाने में सक्षम हैं।
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डिफेंस सिस्टम को चुनौती: इजरायल के ‘आयरन डोम’ को चकमा देने के लिए ‘क्लस्टर बम’ और ‘मल्टी-वारहेड’ तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
🌍 वैश्विक संकट: तेल और सुरक्षा पर मंडराता खतरा
यह संघर्ष अब केवल दो देशों के बीच नहीं रहा, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहा है:
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खाड़ी क्षेत्र में तनाव: ईरान ने सऊदी अरब, यूएई और कुवैत में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर भी हमले की धमकी दी है।
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तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $200 प्रति बैरल तक पहुँचने की आशंका जताई जा रही है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
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भारत पर असर: भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ जैसे जहाजों का उपयोग कर रहा है, जो एलपीजी और अन्य आवश्यक सामग्री लेकर भारतीय बंदरगाहों पर पहुँच रहे हैं।
📌 निष्कर्ष
ईरान और इजरायल के बीच यह “छाया युद्ध” अब एक पूर्ण विकसित क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो चुका है। जहाँ इजरायल ईरान के दिमाग (नेतृत्व) को निशाना बना रहा है, वहीं ईरान अपनी मिसाइल शक्ति से इजरायल के अस्तित्व को चुनौती दे रहा है। आने वाले कुछ दिन वैश्विक शांति के लिए निर्णायक साबित होंगे।
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