फर्रुखाबाद | 24 मार्च, 2026
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले की एक अदालत ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक अनोखे मामले में कड़ा रुख अपनाया है। भारतीय सेना के एक जवान के साथ हुई ₹58,378 की क्रेडिट कार्ड ठगी के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) घनश्याम शुक्ला ने एक्सिस बैंक के चेयरमैन, बैंक की ब्रांड एंबेसडर और मशहूर अभिनेत्री दीपिका पादुकोण समेत शाखा प्रबंधक को नोटिस जारी कर तलब किया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रयागराज में तैनात सैन्यकर्मी फैयाज अहमद खान ने एक्सिस बैंक से ₹1.60 लाख की लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड लिया था। पीड़ित के अनुसार, बीती 3 जनवरी को उनके पास एक फोन आया, जिसमें कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए कार्ड की लिमिट बढ़ाने का प्रलोभन दिया।
बातचीत के दौरान ‘वेरिफिकेशन’ के नाम पर उनके खाते से ₹58,396 कटने का मैसेज आया। फैयाज ने तुरंत सतर्कता बरतते हुए कॉल काटी और कस्टमर केयर को सूचित कर कार्ड ब्लॉक कराया। हालांकि, जब नया कार्ड जारी हुआ और स्टेटमेंट चेक किया गया, तो पता चला कि बैंक के सिस्टम से ₹58,378 की अवैध निकासी हो चुकी थी।
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ब्रांड एंबेसडर और चेयरमैन पर केस क्यों?
अक्सर देखा जाता है कि ऐसे मामलों में केवल अज्ञात साइबर ठगों पर केस होता है, लेकिन यहाँ कानूनी पेच थोड़ा अलग है। वादी के अधिवक्ता अंकुश वर्मा के अनुसार:
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भ्रामक विज्ञापन: उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत ब्रांड एंबेसडर उस उत्पाद या सेवा की विश्वसनीयता के लिए उत्तरदायी होते हैं जिसका वे प्रचार करते हैं।
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जवाबदेही का अभाव: पीड़ित ने बैंक के शीर्ष अधिकारियों और दीपिका पादुकोण को ईमेल के जरिए शिकायत भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
नोट: अदालत ने इस मामले को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखते हुए परिवाद (Complaint) दर्ज किया है और अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है।
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बैंकिंग सेक्टर में बढ़ते फ्रॉड और ग्राहकों के अधिकार
यह मामला न केवल बैंकिंग सुरक्षा पर सवाल उठाता है, बल्कि सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट (Celebrity Endorsement) की जिम्मेदारी को भी रेखांकित करता है। हाल के दिनों में RBI ने भी निर्देश दिए हैं कि यदि ग्राहक की गलती के बिना (Third-party breach) ठगी होती है और ग्राहक 3 दिनों के भीतर रिपोर्ट करता है, तो उसकी लायबिलिटी शून्य (Zero Liability) हो सकती है।
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साइबर ठगी से बचने के लिए 3 गोल्डन रूल:
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कॉल पर कभी न दें जानकारी: बैंक कभी भी फोन पर क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या वेरिफिकेशन के लिए पर्सनल डेटा नहीं मांगता।
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ऑफिशियल ऐप का प्रयोग: कोई भी बदलाव करना हो तो केवल बैंक के आधिकारिक ऐप या शाखा में जाकर ही करें।
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गोल्डन ऑवर: ठगी होने के पहले 1-2 घंटे ‘गोल्डन ऑवर’ कहलाते हैं। तुरंत 1930 पर कॉल करें ताकि पैसा फ्रीज किया जा सके।
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