नई दिल्ली । शनिवार, 18 जुलाई 2026
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अगले सात दिनों तक मानसून की गतिविधियां बेहद सक्रिय रहने वाली हैं। उत्तर प्रदेश सहित उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही कुछ विशेष क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और अत्यधिक वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
उत्तर प्रदेश के निवासियों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, 18 से 25 जुलाई के बीच राज्य के अधिकांश जिलों में रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
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विशेष प्रभावित क्षेत्र: पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
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तापमान में गिरावट: बारिश और तेज हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने का अनुमान है, जिससे मौसम सुहावना बना रहेगा।
अन्य राज्यों में मानसून की स्थिति: कहाँ कितनी होगी बारिश?
मौसम विभाग ने देश के अन्य हिस्सों के लिए भी विस्तृत बुलेटिन जारी किया है:
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दिल्ली-एनसीआर: राजधानी और आसपास के इलाकों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
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बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल: इन पूर्वी राज्यों के कई स्थानों पर भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है।
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश: पहाड़ी राज्यों में ‘भारी से बहुत भारी’ बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके चलते इन क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) और अचानक आने वाली बाढ़ (Flash Floods) का खतरा काफी बढ़ गया है।
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छत्तीसगढ़ और ओडिशा: इन मध्य भारतीय राज्यों के कई जिलों में तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।
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राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र: इन राज्यों के कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश जारी रह सकती है।
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केरल और तटीय कर्नाटक: दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के कारण यहाँ लगातार बारिश का दौर बना रहेगा।
किसानों के लिए राहत और चिंता दोनों
लगातार हो रही यह मानसूनी बारिश कृषि क्षेत्र, विशेषकर खरीफ फसलों (जैसे धान, मक्का आदि) की बुवाई और सिंचाई के लिए एक वरदान साबित हो सकती है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका है, वहाँ खेतों में जलभराव (Waterlogging) होने से फसलों को नुकसान भी पहुँच सकता है। प्रशासन ने किसानों को जल निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी है।
सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सख्त अपील
मौसम विशेषज्ञों और स्थानीय प्रशासन ने आम जनता, विशेषकर पर्यटकों और यात्रियों के लिए गाइडलाइन जारी की है:
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अनावश्यक यात्रा से बचें: भारी बारिश और खराब दृश्यता वाले क्षेत्रों में यात्रा करने से परहेज करें।
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नदी-नालों से दूरी: पहाड़ी और मैदानी इलाकों में नदियों या जलभराव वाले स्थानों के करीब बिल्कुल न जाएं।
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आकाशीय बिजली से सुरक्षा: गरज-चमक या बिजली कड़कने के दौरान खुले स्थानों, बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे आश्रय न लें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. उत्तर प्रदेश के किन हिस्सों में भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना है?
पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में 18 से 25 जुलाई के बीच कई स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की सबसे अधिक संभावना जताई गई है।
Q2. पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वालों के लिए क्या सलाह है?
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा है। पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग के लाइव अपडेट्स को देखकर ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
Q3. क्या इस बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट आएगी?
हाँ, लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहेगा, जिससे उमस और गर्मी से राहत मिलेगी।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख मौसम विभाग (IMD) द्वारा जारी किए गए तात्कालिक पूर्वानुमानों और जानकारियों पर आधारित है। मौसम की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। कृपया किसी भी क्षेत्र में यात्रा करने या कृषि संबंधी बड़े फैसले लेने से पहले स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट द्वारा जारी वास्तविक समय (Real-time) के अलर्ट की जांच अवश्य कर लें।
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