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महाराष्ट्र एंटी-कन्वर्जन कानून 2026: जानिए 28 अगस्त से लागू हो रहे नए नियमों के मुख्य प्रावधान, जेल और जुर्माना

Saransh Kanaujia
Saransh Kanaujia - Editor
4 Min Read
मुंबई | मंगलवार, 18 अगस्त 2026
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में अवैध एवं धोखाधड़ी से होने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2026 (Maharashtra Freedom of Religion Act, 2026) को 28 अगस्त 2026 से पूरे राज्य में लागू करने का गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। महाराष्ट्र विधानमंडल द्वारा पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून अब राज्य भर में पूर्ण रूप से प्रभावी हो जाएगा।

कानून के मुख्य प्रावधान और परिभाषाएँ

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार इस अधिनियम का मूल उद्देश्य नागरिकों के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करना और बलपूर्वक या लालच देकर कराए जाने वाले अवैध धर्मांतरण पर पूर्ण विराम लगाना है।
  • अवैध धर्मांतरण पर रोक: किसी भी व्यक्ति का बल, छल-कपट, गलत बयानी (Misrepresentation), अनुचित प्रभाव (Undue Influence) या प्रलोभन (Allurement) के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना कानूनी रूप से अपराध होगा।
  • प्रलोभन (Allurement) का दायरा स्पष्ट: अधिनियम में प्रलोभन को विस्तृत रूप से परिभाषित किया गया है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित चीजें आती हैं:
    • नकद राशि या महंगे उपहार देना
    • नौकरी या रोजगार का लालच
    • मुफ्त शिक्षा या बेहतर जीवनशैली का वादा
    • विवाह का झांसा या वादा
    • ‘Divine Healing’ (कथित चमत्कारिक उपचार या दैवीय कृपा) का दावा
  • स्वैच्छिक धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया: यदि कोई नागरिक अपनी स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे धर्मांतरण से 60 दिन पहले जिला मजिस्ट्रेट (DM) को निर्धारित प्रारूप में पूर्व सूचना देनी होगी।

सजा और जुर्माने का ढांचा

गैर-कानूनी धर्मांतरण के मामलों में अपराध की गंभीरता और पीड़ित की स्थिति के अनुसार सख्त सजा का प्रावधान किया गया है:
अपराध की श्रेणीसंभावित सजाजुर्माना
सामान्य अवैध धर्मांतरण1 से 5 वर्ष तक की जेल₹50,000 तक
नाबालिग, महिला, SC/ST केस2 से 7 वर्ष तक की जेल₹1,000,000 तक
सामूहिक धर्मांतरण (Mass Conversion)3 से 10 वर्ष तक की जेल₹5,000,000 तक

28 अगस्त 2026 का ऐतिहासिक महत्व

28 अगस्त 2026 से कानून लागू होने के बाद राज्य में धर्मांतरण से जुड़ी सभी शिकायतों, पुलिस जांच और अदालती कार्यवाही के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) प्रभावी हो जाएगी। इस तिथि के बाद से बिना पूर्व सूचना या गैर-कानूनी तरीके से कराया गया कोई भी धर्म परिवर्तन अवैध माना जाएगा और उस पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कानून राज्य के सभी धर्मों और समुदायों पर समान रूप से लागू होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1. क्या महाराष्ट्र का नया धर्मांतरण कानून सभी धर्मों पर लागू होता है?
हाँ, यह अधिनियम किसी एक धर्म विशेष के लिए नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सभी धर्मों और समुदायों के नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है।
Q2. स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन करने के लिए क्या नियम हैं?
स्वेच्छा से धर्म बदलने के लिए व्यक्ति को धर्मांतरण की तिथि से कम से कम 60 दिन पूर्व संबंधित जिला मजिस्ट्रेट (DM) को लिखित सूचना देनी अनिवार्य है।
Q3. क्या विवाह के वादे पर धर्म परिवर्तन कराना अपराध है?
हाँ, नए कानून के तहत विवाह का वादा, नौकरी का लालच या मुफ्त शिक्षा देना ‘प्रलोभन’ की श्रेणी में आता है और यह एक दंडनीय अपराध है।
अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल जनसामान्य की जानकारी और जागरूकता के लिए तैयार किया गया है। कानून संबंधी किसी भी विशिष्ट कानूनी सलाह या प्रक्रियात्मक विवरण के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक राजपत्र (Gazette Notification) का अवलोकन करें।

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लेखक वर्ष 2011 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अब तक वे इतिहास से जुड़ी चार पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं—‘भारत : 1857 से 1957 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘भारत : 1885 से 1950 इतिहास पर एक दृष्टि’, ‘गाँधी जी की राजनीतिक यात्रा के कुछ पन्ने’ और ‘1857 का स्वतंत्रता समर – कारण से परिणाम तक’। पत्रकारिता के क्षेत्र में वे विशेष रूप से राजनीति, अर्थव्यवस्था, सामाजिक विषयों और आध्यात्म से जुड़े समाचारों एवं विषयों पर लेखन करते रहे हैं। वर्षों के पत्रकारिता अनुभव और विभिन्न विषयों पर निरंतर लेखन के माध्यम से उन्होंने समसामयिक घटनाओं के साथ-साथ ऐतिहासिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों को भी पाठकों तक पहुँचाने का प्रयास किया है।